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नशे पर वार तो खूब हुआ, अब 60 हजार NDPS केसों का हिसाब कौन करेगा ?
केंद्र ने पंजाब में पांच विशेष NDPS अदालतें बनाने का दिया सुझाव, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन और संगरूर में कोर्ट बनाने की तैयारी पर जोर
पंजाब डेस्क। विशेष ।
पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच अब बड़ी चुनौती NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों के जल्द निपटारे की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक हालिया बैठक में सामने आया कि पंजाब में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (NDPS) एक्ट के तहत करीब 60 हजार मामले लंबित हैं। मामलों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब में नशे से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष NDPS अदालतें स्थापित करने का सुझाव दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब में पांच विशेष NDPS अदालतें स्थापित करने का प्रस्ताव सुझाया है। इनमें लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन और संगरूर को शामिल किया गया है। इन अदालतों का उद्देश्य NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना और वर्षों से लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना है।
👉 60 हजार लंबित मामलों ने बढ़ाई चिंता
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से गंभीर मुद्दा बनी हुई है। राज्य में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और बड़ी संख्या में NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, अदालतों में मामलों की लंबित संख्या न्यायिक व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
करीब 60 हजार लंबित NDPS मामलों का मतलब है कि बड़ी संख्या में आरोपी, गवाह और पीड़ित लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में मामलों की सुनवाई में देरी से न्याय मिलने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
👉 पांच जिलों में विशेष अदालतों का सुझाव
केंद्र की ओर से पंजाब में पांच विशेष NDPS अदालतें स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन और संगरूर को संभावित स्थानों के रूप में सामने रखा गया है।
इन जिलों में विशेष अदालतें स्थापित होने से NDPS मामलों की सुनवाई के लिए समर्पित न्यायिक व्यवस्था तैयार हो सकती है। इससे मामलों की नियमित सुनवाई, गवाहों की पेशी और लंबित केसों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
👉 नशे के खिलाफ अभियान को मिलेगा न्यायिक समर्थन
पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ NDPS मामलों का समयबद्ध निपटारा भी बेहद जरूरी है।
विशेष अदालतों के गठन से जांच एजेंसियों की कार्रवाई को न्यायिक स्तर पर भी गति मिल सकती है। दोष सिद्ध होने वाले आरोपियों को सजा मिलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जबकि झूठे या कमजोर मामलों में फंसे लोगों को भी समय पर न्याय मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
अब निगाहें पंजाब सरकार के अगले कदम पर हैं। यदि केंद्र के सुझाव के अनुसार पांच विशेष NDPS अदालतें स्थापित होती हैं, तो राज्य में लंबित करीब 60 हजार मामलों के निपटारे की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। पंजाब की नशे के खिलाफ लड़ाई में अब कार्रवाई के साथ-साथ त्वरित न्याय भी सबसे बड़ी जरूरत बनकर सामने आया है।
source - The Indian Express

