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- "RG Kar कांड: हाई कोर्ट जज ने सुनवाई से किया किनारा, परिजन अब भी इंसाफ़ के इंतज़ार में!"
"RG Kar कांड: हाई कोर्ट जज ने सुनवाई से किया किनारा, परिजन अब भी इंसाफ़ के इंतज़ार में!"

नेशनल डेस्क .
कोलकाता – कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तिर्थंकर घोष ने गुरुवार को आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की पीजी डॉक्टर के साथ हुई बलात्कार और हत्या के मामले में पीड़िता के परिजनों की नई याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।
परिजनों ने अदालत से इस सनसनीखेज मामले की नए सिरे से जांच की मांग की थी। किंतु न्यायमूर्ति घोष ने यह कहते हुए सुनवाई से दूरी बना ली कि इस मामले में पहले से ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और दोषी संजय राय की अपीलें उच्च न्यायालय की विभाजन पीठ के समक्ष लंबित हैं। उन्होंने परिजनों की याचिका को भी उसी पीठ के पास भेजने का आदेश दिया।
👉 परिजनों की नाराज़गी
पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि अब तक की जांच अधूरी है और “वास्तविक अपराधियों को बचाया जा रहा है।” वे इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
👉 मामला क्या है?
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अगस्त 2024 में आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।
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इस घटना से देशभर में गुस्सा और विरोध प्रदर्शन हुआ।
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जनवरी 2025 में आरोपी संजय राय को अदालत ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी।
👉 आगे की राह
अब यह नई याचिका भी डिवीजन बेंच के पास जाएगी। उच्च न्यायालय के सूत्रों के अनुसार, इस पर सुनवाई की अगली तारीख जल्द ही तय की जाएगी।