इंटरनेशनल डेस्क।
नई दिल्ली: एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे को लेकर सामने आई नई रिपोर्टों ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जांच अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं कि विमान के फ्यूल स्विच “जानबूझकर” बंद किए गए थे। हालांकि, भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अब तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि यह रिपोर्ट तेजी से वायरल हो रही है।
गौरतलब है कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 पिछले वर्ष 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी।
👉 अंतिम रिपोर्ट को लेकर असमंजस
अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम रिपोर्ट में यह विस्तार से बताया जाएगा या नहीं कि फ्यूल स्विच किस तरह और किन परिस्थितियों में बंद किए गए। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि जिम्मेदारी किसी विशेष पायलट पर सीधे तौर पर डाली जाएगी या नहीं। कोरिएरे की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में मुख्य संदेह विमान के कमांडर सुमीत सभरवाल पर जताया जा रहा है, जिनकी इस हादसे में मृत्यु हो गई थी।
👉 पायलट संघ और परिवार ने उठाए सवाल
दूसरी ओर, भारतीय पायलट संघ और सुमीत सभरवाल के परिवार ने जांच की दिशा पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि जांच को इस तरह मोड़ा जा रहा है ताकि त्रासदी का पूरा दोष पायलटों पर डाला जा सके। परिवार ने विमान निर्माता कंपनी, एयरलाइन प्रबंधन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच की मांग की है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी विशेषज्ञ, जो जांच में सहयोग कर रहे हैं, मानवीय त्रुटि को हादसे का कारण मानने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। बताया गया है कि इस मुद्दे पर भारतीय और अमेरिकी जांच अधिकारियों के बीच पिछले कुछ सप्ताहों में मतभेद भी सामने आए।
👉 ब्लैक बॉक्स की दोबारा जांच
दिसंबर में AAIB के भारतीय जांच अधिकारी वॉशिंगटन गए थे, जहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की प्रयोगशालाओं में विमान के ब्लैक बॉक्स डेटा का पुनः विश्लेषण किया गया। विशेष रूप से साफ की गई कॉकपिट ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया। पश्चिमी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ऑडियो विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि फ्यूल स्विच किस पायलट ने बंद किया और यह किसी गलती की संभावना को खारिज करता है।
हालांकि, अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। यह रिपोर्ट न केवल हादसे के असली कारणों को स्पष्ट करेगी, बल्कि विमानन सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे सकती है।

