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‘विश्वनाथ’ से ‘नाना पाटेकर’ बनने की कहानी, सिर्फ 750 रुपये में हुई थी शादी
फ़िल्मी डेस्क ।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की जिंदगी का सफर संघर्ष, मेहनत और सादगी से भरा रहा। फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। बचपन में उनकी छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ कहकर बुलाती थीं। धीरे-धीरे यही नाम उनकी पहचान बन गया और आगे चलकर उन्होंने इसी नाम से अभिनय की दुनिया में अलग मुकाम हासिल किया।
थिएटर से शुरू हुआ अभिनय का सफर
फिल्मों में आने से पहले नाना पाटेकर ने थिएटर के जरिए अभिनय की शुरुआत की। शुरुआती दौर उनके लिए आसान नहीं था। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने अभिनय के अपने जुनून को नहीं छोड़ा और लगातार थिएटर में काम करते रहे।
एक शो के मिलते थे सिर्फ 50 रुपये
नाना पाटेकर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया था कि थिएटर में उन्हें एक शो के लिए महज 50 रुपये मिलते थे। उस समय उनकी पत्नी नीलकांति बैंक में अधिकारी थीं और उनकी मासिक आय करीब 2,500 रुपये थी।
1978 में सिर्फ 750 रुपये में शादी
नाना पाटेकर और नीलकांति ने साल 1978 में शादी की थी। उनकी शादी बेहद सादगी से हुई थी और बताया जाता है कि शादी का कुल खर्च करीब 750 रुपये आया था। उस दौर में नाना संघर्ष कर रहे थे, जबकि नीलकांति बैंक की नौकरी करती थीं।
संघर्ष से बने दमदार अभिनेता
नाना पाटेकर ने अपने जीवन में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए अभिनय की दुनिया में अपनी जगह बनाई। थिएटर से शुरू हुआ उनका सफर आगे चलकर फिल्मों तक पहुंचा और उनकी दमदार आवाज, संवाद अदायगी तथा अभिनय ने उन्हें हिंदी सिनेमा के यादगार अभिनेताओं में शामिल कर दिया।
नाना पाटेकर की कहानी बताती है कि बड़ा मुकाम पाने के लिए शुरुआत बड़ी होना जरूरी नहीं, बल्कि मेहनत और जुनून जरूरी है।
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