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21 सितंबर को लगेगा खंडग्रास सूर्यग्रहण : ऑस्ट्रेलिया–अंटार्कटिका होंगे मुख्य साक्षी, भारत में नहीं दिखेगा नज़ारा!
नेशनल डेस्क । नई दिल्ली ।
कल, रविवार 21 सितंबर 2025 को खंडग्रास सूर्यग्रहण (Partial Solar Eclipse) लगेगा। यह खगोलिय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में इसे प्रत्यक्ष देखा जा सकेगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को आंशिक रूप से ढक लेगा, जिससे आसमान में हल्का अंधेरा छा जाएगा।
श्री बांके बिहारी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर गोस्वामी अनंत श्रीहरिदास ने बताया कि भारतीय समयानुसार ग्रहण 21 सितंबर की रात 11 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 3:23 बजे तक; लगभग 4 घंटे 23 मिनट तक चलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय खगोल डेटा के अनुसार ग्रहण की शुरुआत और समाप्ति का समय क्षेत्र विशेष के अनुसार अलग-अलग होगा। भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं, इसलिए किसी प्रकार के धार्मिक नियम या सूतक लागू नहीं होंगे इसलिए सूर्यग्रहण से जुड़े किसी भी प्रकार के ग्रहण नियम या पूजा का पालन करने की आवश्यकता नहीं है।
👉 ग्रहण का समय और अवधि
प्रारंभ: भारतीय समयानुसार 21 सितंबर रात 11:00 बजे
समाप्ति: 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे
अवधि: लगभग 4 घंटे 23 मिनट
भारत में प्रभाव: दिखाई नहीं देगा, इसलिए कोई धार्मिक नियम, सूतक या पूजा-पाठ लागू नहीं होंगे।
👉 गूगल पर सूर्यग्रहण का अनुभव
इस बार गूगल ने अपने सर्च पेज पर खास इफेक्ट जोड़ा है। जब आप सूर्य ग्रहण, Suryagrahan या Solar Eclipse टाइप करेंगे, तो आपकी स्क्रीन कुछ सेकेंड के लिए हल्की अंधेरी हो जाएगी, मानो सूर्य पर ग्रहण लग गया हो। यह गूगल का यूजर इंटरैक्शन बढ़ाने का अनोखा तरीका है। खगोलविदों के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत और विश्व के विभिन्न हिस्सों में कई खंडग्रास और पूर्ण सूर्यग्रहण होंगे। प्रत्येक ग्रहण खगोल विज्ञान और धर्म दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है।

