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लक्ष्मी चावला ने महिलाओं के अपमान पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
नेशनल डेस्क . नई दिल्ली। वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मी चावला ने सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और घरों में महिलाओं को गालियां व अपमानजनक शब्द कहे जाने की बढ़ती घटनाओं पर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने पत्र में कहा है कि महिलाओं को सशक्त बनाने की बातें तो हर स्तर पर होती हैं, लेकिन उनके सम्मान की रक्षा के लिए ठोस कदम नदारद हैं।
चावला ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उन्होंने इस विषय पर कई बार पंजाब और सुप्रीम कोर्ट तक अपनी पीड़ा पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने लिखा है कि गालियां निकालने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय समाज में इसे सामान्य बना दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग हर वर्ग में—सरकार, सुरक्षा बलों, व्यापार, मजदूरों और यहां तक कि न्यायिक तंत्र में भी—मौजूद हैं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि महिलाओं को गालियों और अपमान से बचाने के लिए स्वत: संज्ञान (सुओ मोटो) लिया जाए और कठोर निर्देश जारी किए जाएं। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि देश की हर महिला का दर्द है।

