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“सियासी डर या डील? AAP से BJP तक का सफर सवालों के घेरे में”
छापेमारी का असर या सियासी इशारा? बड़े नेताओं के रुख बदलने से गरमाई राजनीति
नेशनल डेस्क : पंजाब की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई जब आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha, Sandeep Pathak और Ashok Mittal के Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल होने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इसी बीच, Enforcement Directorate (ED) द्वारा इस माह की शुरुआत में अशोक मित्तल के आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर की गई छापेमारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक सियासी रंग मिल गया है।
पंजाब AAP ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि Bharatiya Janata Party (BJP) केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर पार्टी के सांसदों के बीच डर का माहौल बनाने और पार्टी में फूट डालने की कोशिश कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों के जरिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
AAP नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इस तरह की “राजनीतिक रणनीतियों” से डरने वाले नहीं हैं और पार्टी एकजुट होकर काम करती रहेगी।
वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

