सनसनीखेज! नितिन गडकरी vs दलित यूट्यूबर मुकेश मोहन: 50 करोड़ का मानहानि युद्ध शुरू

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मुकेश मोहन ने सोशल मीडिया पर लिखा:

“मैंने सिर्फ प्रकाशित रिपोर्ट को अम्प्लिफाई किया। अब ₹50 करोड़ का नोटिस, FIR, फोन जब्त और पुलिस स्टेशन में दौड़-भाग। फ्री स्पीच कहां है? वो शांति से सो रही है।”

नेशनल डेस्क । 

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दलित यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मुकेश मोहन (@MukeshMohannn) के खिलाफ ₹50 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया है। मुकेश मोहन पर नागपुर पुलिस में FIR दर्ज की गई है, उनका एक फोन जब्त कर लिया गया है और पुलिस ने उन्हें बार-बार समन भेजा है। मुकेश मोहन ने इसे “अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला” और “उत्पीड़न” बताया है।

मामला क्या है?

मुकेश मोहन ने मार्च 2026 में The Caravan मैगजीन की एक रिपोर्ट के आधार पर एक छोटा वीडियो (लगभग 2:30 मिनट) बनाया था। रिपोर्ट का शीर्षक था – “Nagpur’s Beef: The beef company enmeshed in Gadkari’s business empire”। इसमें गडकरी परिवार की कंपनियों (खासकर CIAN Agro, जहां उनके बेटे निखिल गडकरी की भूमिका बताई गई) और Rembal Agro and Foods कंपनी के बीच कथित संबंधों का जिक्र था, जो मांस निर्यात (बफेलो मीट/बीफ ट्रेड) से जुड़ी बताई गई।

मुकेश मोहन के वीडियो का टाइटल था – “@gadkari.nitin is a cow killer?”। वीडियो में उन्होंने रिपोर्ट को सरल भाषा में समझाते हुए आरोप लगाए। वीडियो वायरल हो गया।

गडकरी पक्ष ने इसे फर्जी, तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की। ध्यान देने वाली बात – The Caravan मैगजीन पर सीधा मुकदमा नहीं किया गया, बल्कि वीडियो बनाने वाले मुकेश मोहन पर फोकस रहा।

मुकेश मोहन का दावा

मुकेश मोहन ने सोशल मीडिया पर लिखा:

“मैंने सिर्फ प्रकाशित रिपोर्ट को अम्प्लिफाई किया। अब ₹50 करोड़ का नोटिस, FIR, फोन जब्त और पुलिस स्टेशन में दौड़-भाग। फ्री स्पीच कहां है? वो शांति से सो रही है।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि उनके चचेरे भाई को भी पुलिस ने समन भेजा है।

दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं

  समर्थन में: कई दलित-बहुजन कार्यकर्ता, कुछ स्वतंत्र इन्फ्लुएंसर और विपक्षी आवाजें इसे “स्वतंत्र आवाजों को दबाने” की कोशिश बता रही हैं। #StandWithMukeshMohan जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

  विरोध में: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे OpIndia) में दावा किया गया कि मुकेश मोहन ने रिपोर्ट को गलत तरीके से पेश किया और “cow meat” बेचने का सीधा आरोप लगाया, जबकि मूल रिपोर्ट में nuances थे।

यह मामला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी, मानहानि कानून और फ्री स्पीच पर बड़ी बहस छेड़ चुका है।

मुकेश मोहन कौन हैं?

मुकेश मोहन एक स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर हैं। वे मुख्य रूप से राजनीति, समाज, बहुजन मुद्दों और इतिहास पर वीडियो बनाते हैं। वे खुद को “Bahujan Voice” के रूप में पेश करते हैं और उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों फॉलोअर्स हैं।

अभी की स्थिति: मामला अदालत में है। नागपुर पुलिस जांच कर रही है। गडकरी के कार्यालय की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अधिक जानकारी के लिए: The Caravan की मूल रिपोर्ट, मुकेश मोहन का यूट्यूब चैनल, Medianama, OpIndia, Unfiltered Indians आदि देखें।

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर तेज बहस जारी है। क्या यह स्वतंत्र पत्रकारिता पर अंकुश है या जिम्मेदार कंटेंट की मांग? फैसला अदालत करेगी।

अगर आप इस न्यूज़ को और विस्तार से, किसी खास एंगल (जैसे दलित परिप्रेक्ष्य या कानूनी पहलू) से या किसी दूसरे न्यूज़ पोर्टल स्टाइल में चाहते हैं तो बताएं!

 

 

Edited By: Harpreet Singh

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