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CM योगी के दौरे से पहले बवालः पुलिस ने बांके बिहारी मंदिर के गोस्वामी व परिवार बनाए बंधक, कृष्ण भक्त आहत
International Desk:
दुनिया भर के कृष्ण भक्तों की आस्था के केंद्र Banke Bihari Temple को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। गोस्वामी समाज ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने मुख्यमंत्री सुरक्षा के नाम पर उनके साथ कठोर व्यवहार किया और कई परिवारों को घरों में ही नजरबंद कर दिया। गोस्वामी समाज का कहना है कि मंदिर व्यवस्था के लिए बनाई गई सरकार की हाई पावर कमेटी के साथ उनका लंबे समय से टकराव चल रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है।
👉 गोस्वामी परिवारों को घरों में रोके जाने का आरोप
गोस्वामी समुदाय का आरोप है कि जैसे ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के मथुरा दौरे की सूचना मिली, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कई गोस्वामी परिवारों के घरों के बाहर पुलिस तैनात कर दी।उनका कहना है कि उन्हें घरों से बाहर निकलने नहीं दिया गया ताकि वे मुख्यमंत्री के सामने मंदिर से जुड़े मुद्दों और अपनी समस्याओं को न रख सकें।
👉 “हम भगवान के सेवक हैं, अपराधी नहीं”
गोस्वामी समाज का आरोप है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े मामलों में प्रशासन का रवैया लगातार कठोर होता जा रहा है और कमेटी के फैसलों से मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।मंदिर के मुख्य सेवायत Anant Goswami और Sudhanshu Goswami ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे कोई अपराधी या आतंकवादी नहीं, बल्कि भगवान के सेवक हैं।
उनका कहना है कि उन्हें नजरबंद करके प्रशासन सच को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय अधिकारी कथित रूप से भूमाफिया के प्रभाव में काम कर रहे हैं। गोस्वामी समाज ने यह भी सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री के सामने केवल भाजपा समर्थक ही अपनी समस्याएं रख सकते हैं।
👉 संवाद के लिए तैयार नहीं प्रशासन: गोस्वामी समाज
गोस्वामी समाज का आरोप है कि प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देकर उनके आवागमन पर रोक लगा दी। कुछ लोगों ने अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगाए हैं। समाज का कहना है कि यह कदम धार्मिक परंपराओं और सेवायतों के अधिकारों का अपमान है। इन घटनाओं के बाद वृन्दावन में गोस्वामी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर की परंपराओं और पुजारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बिना संवाद के फैसले किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।
👉 क्या है कॉरिडोर विवाद?
बांके बिहारी मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार मंदिर के आसपास एक बड़े कॉरिडोर निर्माण की योजना पर काम कर रही है। हालांकि, गोस्वामी समाज का कहना है कि इस परियोजना से मंदिर की पारंपरिक व्यवस्था और सेवायतों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से विवाद और विरोध जारी है।
👉 क्यों बढ़ रहा है विवाद?
विशेषज्ञों के अनुसार यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि वृन्दावन विश्वभर में कृष्ण भक्तों का प्रमुख तीर्थ स्थल है। विदेशों में बसे लाखों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था भी इस मंदिर से जुड़ी है। ऐसे में धार्मिक विरासत और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन का मुद्दा अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बनता जा रहा है। कई धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन और गोस्वामी समाज के बीच संवाद की अपील की है ताकि ऐसा समाधान निकाला जा सके जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा भी बढ़े और मंदिर की परंपराएं भी सुरक्षित रहें।

