- Hindi News
- स्पेशल खबरें
- भारत में शिक्षा का नया रिकॉर्ड: 2024-25 में स्कूल शिक्षकों की संख्या पहली बार 1 करोड़ पार
भारत में शिक्षा का नया रिकॉर्ड: 2024-25 में स्कूल शिक्षकों की संख्या पहली बार 1 करोड़ पार
-;ड्रॉपआउट दर में भी कमी

नेशनल डेस्क ।
नई दिल्ली: शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया गया है। सत्र 2024-25 में देशभर में स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या पहली बार 1 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा न केवल शिक्षकों की बढ़ती उपलब्धता को दर्शाता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि बच्चों की शिक्षा पर देशव्यापी ध्यान बढ़ रहा है।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसी सत्र में बच्चों के ड्रॉपआउट दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रिपरेटरी स्तर पर यह 3.7% से घटकर 2.3%, मध्य स्तर पर 5.2% से घटकर 3.5% और माध्यमिक स्तर पर 10.9% से घटकर 8.2% हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की संख्या में यह वृद्धि छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन और कक्षा में व्यक्तिगत ध्यान देने में मदद करेगी।
मंत्रालय के अनुसार, शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनकी प्रशिक्षण गुणवत्ता में सुधार, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और डिजिटल शिक्षा का प्रसार ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में सहायक रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र में और निवेश किया जाएगा ताकि शिक्षकों की संख्या और गुणवत्ता दोनों में निरंतर सुधार हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञ इसे देश में शिक्षा प्रणाली के सुधार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सही नीतियों और संसाधनों के साथ भारत की शिक्षा प्रणाली तेजी से मजबूत हो रही है।