नेशनल डेस्क .
श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज इस समय एक बड़े विवाद के केंद्र में है। इस साल एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में 42 मुस्लिम छात्र पास हुए हैं, जबकि ग़ैर-मुस्लिम छात्रों में सिर्फ़ 8 उम्मीदवार ही सफल हो पाए। यह परीक्षा जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ़ प्रोफ़ेशनल एंट्रेंस एग्ज़ामिनेशन के तहत आयोजित की गई थी।
जैसे ही मेरिट लिस्ट सार्वजनिक हुई, कुछ हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए विवाद खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि माता वैष्णो देवी से जुड़े मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों को दाखिला नहीं मिलना चाहिए। देखते-देखते मामला गरमाने लगा और सोशल मीडिया पर भी बहस तेज़ हो गई।
इसी बीच कॉलेज प्रशासन सामने आया और पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा—
“यहाँ धर्म नहीं, सिर्फ़ मेरिट चलती है। किसी भी समुदाय को विशेष आरक्षण नहीं दिया जाता।”
कॉलेज ने जोर देकर बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नियमों के अनुसार, और योग्यता आधारित है। चयन सूची बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों के तहत बनाई गई है, जिसमें किसी तरह का भेदभाव संभव ही नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और संस्थान की निष्पक्ष प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखें।

