मजीठिया ने मजीठा छोड़ कहा सिर्फ सिद्धू के खिलाफ चुनाव लडूगां और उसका घमंड तोड़ूगा

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अमृतसर। न्यूज़ डेस्क। शिअद नेता बिक्रम मजीठिया ने आखिरकार मजीठा से अपनी दावेदारी वापस ले ली। अब वे सिर्फ अमृतसर ईस्ट से चुनाव लड़ेंगे। यहां उनका सीधा मुकाबला सिद्धू से होगा। उनकी पत्नी गनी मजीठिया ने मजीठा से पर्चा दाखिल किया है। इस मौके पर मजीठिया कुछ भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि अब वह अहंकारी नवजोत सिद्धू के खिलाफ पूर्वी हलके से ही चुनाव लड़ेंगे।

प्रेसवार्ता में मजीठिया ने कहा कि जब उन्होंने मजीठा से चुनाव लड़ा था तो इसी को अपना परिवार माना था। उन्होंने नम आंखों से कहा कि अहंकारी सिद्धू का घमंड तोड़ने के लिए उन्हें पूर्वी हलके से चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लेना पड़ा। सिद्धू के साथ हंसते हुए अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए कहा कि अब वह सिद्धू को दिल से हंसना सिखाएंगे।

सिद्धू लाफ्टर चैलेंज शो में हंसने के पैसे लेता है लेकिन अब वे उन्हें मुफ्त में हंसना सिखाएंगे। उन्होंने पूर्वी हलके के लोगों को मजीठा हलके के लोगों की तरह दिल से प्यार करेंगे और ऐसी विकास की तस्वीर पेश करेंगे, जो पिछले 18 सालों से नहीं हुआ। सिद्धू को सिर्फ लड़ना आता है और लोगों के सामने झूठ का नमूना पेश किया।

मजीठिया ने कहा कि मेरे पूर्वी हलके से चुनाव मैदान में आने पर अब सिद्धू दिल्ली में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर सीएम चेहरा बनाए जाने का दबाव बनाएंगे। मैंने पूर्वी हलके के लोगों की बांह पकड़ी है तो वे चुनाव लड़ने के बाद इलाका नहीं छोड़ेंगे। यह जिम्मेदारी का सवाल है। मैं पूर्वी हलके के लोगों के साथ-साथ मजीठा के लोगों के साथ भी खड़ा मिलूंगा। दो दिन पहले तक तो उनकी पत्नी तक को भी पता नहीं था कि वह चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि जो लोग मुझे ललकारते थे, वे मजीठा क्यों नहीं आए। उनकी लड़ाई पूर्वी हलके के विकास की है लेकिन सिद्धू की लड़ाई अपनी कुर्सी के लिए है, हलका या पंजाब के लिए नहीं।

एक की जीत के बाद दूसरे की खत्म हो जाएगी सियासती दौड़
गौर हो कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधि ने बिक्रम मजीठिया को नहीं हराया। मजीठा हलके में पिछले तीन बार से उनका कड़ा मुकाबला सुखजिंदर राज सिंह लाली के साथ रहा लेकिन हमेशा जीत उन्हें मिली। वहीं अब मजीठिया और सिद्धू की जीत के बीच कौन उम्मीदवार पूर्वी विधानसभा हलका से जीत हासिल कर अपने सिर ताज सजाता है, 10 मार्च को नतीजे बताएंगे। पिछले दिनों प्रेस कांफ्रेंस में सिद्धू ने जीत हासिल करने को अपनी मूंछ का सवाल बताया था। कुल मिलाकर यहां चुनाव रोचक हो गया है।

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