पंजाब में 12वीं क्लास की इतिहास की किताब को लेकर मचा घमासान

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चंडीगढ़। पंजाब में 12वीं क्लास की इतिहास की किताब को लेकर घमासान मच गया है। इस किताब में सिखों के छठवें गुरु के संबंध में विवादित बातें लिखी गई हैं। जिसमें कहा गया कि श्री गुरु हरगोबिंद जी ने मुगल फौज में नौकरी की। उन्हें जट्‌टों ने तलवार उठाने के लिए मजबूर किया।

– आप के पंजाब प्रवक्ता कुलतार सिंह सधवां ने जताया कड़ा एतराज
– कहा कि 100 रुपए की किताब को 400 रुपए में बेचा जा रहा

आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रवक्ता कुलतार सिंह सधवां ने इस पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने विवादित किताब को तुरंत पाठ्यक्रम से हटाकर तथ्यों को ठीक करने के लिए कहा है। उन्होंने कांग्रेस के साथ पिछली अकाली-भाजपा सरकार पर सिख इतिहास और गुरुओं की बाणी से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।

किताब को लेकर यह विवाद
सधवां ने कहा कि इस किताब में लिखा गया है कि छठवें गुरू श्री हरगोबिंद जी ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाने के बाद मुगल शासक की फौज में नौकरी की थी। पंजाब का इतिहास नामक पुस्तक के पेज नंबर 81 में यह बात लिखी गई है। सधवां ने पूछा कि क्या सत्ताधारी पार्टी और तथाकथित विद्वान इस तथ्य को सही मानते हैं। अगर नहीं तो फिर यह किताब स्कूल के सिलेबस में क्यों है? इस बारे में सब चुप क्यों हैं।

सधवां ने कहा कि किताब में लिखा गया है कि श्री गुरु हरगोबिंद सिंह जी को पंजाब के जट्‌टों के दबाव ने तलवार उठाने के लिए मजबूर किया था। यह ऐसी टिप्पणियां मीरी-पीरी के संकल्प के ऊपर सीधा हमला नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल बादल से इस बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने कहा कि किताब में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की तरफ से खालसा पंथ की स्थापना जट्‌टों की वजह से करने की बात कही गई है, जो न केवल गलत है बल्कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

विवादित किताब किसी गहरी साजिश का हिस्सा

कुलतार सधवां ने कहा कि इन किताबों में श्री गुरु तेग बहादुर, खालसा पंथ और ऐतिहासिक तथ्यों के साथ शहीद उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के बारे में उल-जलूल टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस किताब पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि 100 रुपए की किताब को 400 रुपए में बेचा जा रहा है।

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