बहुत बड़े आशिक रह चुके हैं पाकिस्तान के नए PM, दो बीवियां हैं अभी भी साथ, तीन को दे चुके हैं तलाक

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इंरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान को सत्ता से बेदखल करने के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शबहाज शरीफ को देश का प्रधानमंत्री पद के लिए निर्वाचित किया गया। शहबाज शरीफ ने सोमवार को पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे उनके पूर्ववर्ती इमरान खान के खिलाफ आठ मार्च को लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के बाद से देश में बनी अनिश्चितता की स्थिति समाप्त हो गयी। सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी ने राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी की अनुपस्थिति में 70 वर्षीय शहबाज को पद की शपथ दिलाई। वहीं अगर पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की निजी जिंदगी की बात करें तो वह पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री इमरान खान से भी दो कदम आगे हैं। शहबाज शरीफ राजनीति के अलावा बड़े दिलफेंक हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो बीवियां हैं अभी भी उनके साथ रहती है और तीन को तलाक दे चुके हैं।

 

शाहबाज शरीफ ने की कुल पांच शादियां
शाहबाज शरीफ ने कुल पांच शादियां की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शहबाज शरीफ को पहली शादी करने के लिए अपने पिता से इजाजत नहीं मिली थी, लेकिन साल 1973 में 23 साल की उम्र में उन्होंने नुसरत शाहबाज से शादी की थी और उस शादी से उन्हें पांच बच्चे हुए। पहली शादी से हुआ उनका एक बेटा हमजा शरीफ इस वक्त पंबाज प्रांत में अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को संभाल रहे हैं। वहीं, शहबाज शरीफ का दूसरा बेटा सुलमान एक बिजनेसमैन हैं। शहबाज शरीफ ने साल 1993 में 43 साल की उम्र में दूसरी शादी आलिया हनी से की, जिससे उन्हें एक बेटी खदीजा हैं, हालांकि बाद में उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी को तलाक दे दिया। यह शादी भी 1994 तक चली। इसी बीच शाहबाज ने निलोफर खोसा से साल 1993 में शादी की। इसके बाद शाहबाज ने साल 2003 में तेहमीना दुर्रानी से गुपचुप तरीके से शादी रचाया। वर्ष 2012 में शाहबाज ने कलसुम हयी से सीक्रेट तरीके से निकाह किया। कुल मिलाकर शाहबाज शरीफ ने पांच बार शादी की है। शाहबाज शरीफ अभी दो पत्नियों नुसरत और तेहमीना दुर्रानी के साथ रहते हैं। शहबाज शरीफ की गिनती अपने बड़े भाई नवाज शरीफ की तरह ही देश के कद्दावर नेताओं में होती है और वो अकसर सार्वजनकि मंचों पर अपने भाई नवाज शरीफ का हाथ अपने सिर पर होने की बात करते रहते हैं।

शरीफ के हक में पड़े 174 वोट
नेशनल असेंबली में नए नेता के चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) अध्यक्ष शरीफ के हक में 174 वोट पड़े। मतदान प्रक्रिया से पहले इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सांसदों ने ‘‘विपक्षी” दलों के नेताओं और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेशनल असेंबली से बहिर्गमन किया। इससे पहले पीटीआई ने अपनी ओर से इमरान सरकार में विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी को प्रधानमंत्री पर का प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी। कुरैशी द्वारा कारर्वाई का बहिष्कार के बाद उनके साथ सदस्य सदन से बाहर चले गए थे। जियो टीवी के अनुसार प्रधानमंत्री पद के लिए सदन में मतदान सांसद अयाज सादिक की अध्यक्षता में कराया गया। इससे दो दिन पहले शनिवार सुबह को 14 घंटे के गतिरोध और खींचतान के बाद संसद के निचले सदन ने श्री खान के खिलाफ अविस्वास प्रस्ताव को आधी रात में पारित किया गया। शरीफ ने इससे पहले 2018 में भी प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ा था जिसमें खान को 176 वोट मिले थे और उस समय शरीफ को केवल 96 मत ही हासिल हो सके थे। श्री शरीफ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं, जो इस समय लंदन में एक तरह से राजनीतिक निर्वासन की जिंदगी बीता रह रहे हैं। शरीफ का पैतृक गांव अमृतसर के पास जाति उमरा गांव है जहां से उनके पुर्खे लाहौर चले गए थे।

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