भाजपा के लिए भितरघात को रोकना अब कड़ी चुनौती होगी

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    होशियारपुर (मनप्रीत मन्ना ) फगवाड़ा तथा मुकेरियां में होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा अपने प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां एकाएक तेज हो गई है। भाजपा ने जहां फगवाड़ा से एससी कमिशन के पूर्व चेयरमैन राजेश बागा पर दांव लगाया है तो मुकेरियां से उसने जंगी लाल महाजन को इस बार मैदान में उतारा है । यह दोनों स्थान होशियारपुर संसदीय क्षेत्र के तहत आते हैं जिसका प्रतिनिधित्व केंद्रीय राज्यमंत्री सोम प्रकाश करते है तथा इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे । भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं लेकिन भाजपा के लिए भितरघात को रोकना अब कड़ी चुनौती होगी। क्योंकि फगवाड़ा से केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश की धर्मपत्नी अनीता सोम प्रकाश पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के बेटे साहिल सापला तथा मुकेरिया से पूर्व मंत्री अरुणेश शाकर टिकट के प्रबल दावे दार थे। अब इन लोगों को टिकट नहीं मिला तो देखना होगा कि यह किस हद तक पार्टी के घोषित प्रत्याशी का साथ देते हैं । जहां तक मुकेरियां की बात है अरुणेश शाकर दो बार चुनाव हार चुके हैं लेकिन उनकी हार में कांग्रेस का कम तथा विद्रोही भाजपा नेता का योगदान ज्यादा रहा । अब ऐसे में शाकर धुर विरोधी जंगी लाल महाजन का साथ देंगे । ऐसा संभव नहीं दिखाई देता लगता है कि अब बदला चुकाने की बारी अरुणेश की है तथा वह जंगी लाल से पुराना हिसाब बराबर करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। लोकसभा चुनावों में शाकर व महाजन ने मिलकर सोमप्रकाश का साथ दिया था इसलिए सोम प्रकाश को मुकेरियां से जोरदार बढ़त मिली थी लेकिन अब ना तो प्रदेश में मोदी की लहर है तथा ना ही विधानसभा के पूरे चुनाव हो रहे हैं । उप चुनाव जीतना विपक्षी दल के लिए आसान नहीं होता क्योंकि प्रदेश की सरकार चुनाव जीतने के लिए हर प्रयास करेगी। फगवाड़ा में राजेश बाघा को दिया गया टिकट कार्यकर्ताओं में एक नया जोश लेकर आया है पार्टी ने संगठन से जुड़े एक वरिष्ठ नेता को टिकट देकर उनका सम्मान किया है । कार्यकर्ताओं में यह मैसेज गया है कि पार्टी नेताओं के परिवारों तक ही सीमित नहीं है तथा मुकेरिया से शाकर का टिकट काटकर जेबी बताने का प्रयास किया है कि जो नेता दो दो बार चुनाव हार चुके हैं । उनके लिए पार्टी टिकट देने से पहले सौ बार सोचेंगे । इस फैसले की कड़ी में आने वाले चुनाव में कई नेताओं का भविष्य दांव पर लग सकता है क्योंकि पार्टी के कई सीनियर नेता दो बार चुनाव हार चुके हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि फगवाड़ा तथा मुकेरियां उपचुनाव में भाजपा का प्रदर्शन इस बात को तय करेगा कि 2022 के चुनाव में पार्टी प्रदेश में किस तरह का प्रदर्शन करेगी लेकिन टिकट घोषणा होने के बाद पार्टी में कई तरह की चर्चाएं चलनी शुरू हो गई है इन चुनावों पर पार्टी प्रधान श्वेत मलिक का भविष्य भी दांव पर है अगर पार्टी दोनों सीटें हार गई तो श्वेत मलिक का प्रदेश प्रधान पद से हटना निश्चित हो जाएगा।

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