बिजनेस फर्स्ट पोर्टल के माध्यम से सरकार ने निवेशकों को प्रदान किया एक उत्कृष्ट मंच

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    होशियारपुर (रुपिंदर ) पंजाब सरकार की ओर से उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरु किए गए बिजनेस फस्र्ट पोर्टल को निवेशकों ने काफी सराहा है। यही कारण है कि निवेशक सरकार की इस शानदार पहल के चलते बिजनेस फस्र्ट पोर्टल के अंतर्गत सभी जरु री सेवाएं ले रहे हैं। सुखजीत मैगा फूड पार्क के डायरेक्टर भवदीप सरदाना ने सरकार की पहल की सराहना करते हैं हुए कहा कि बिजनेस फस्र्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन के लिए सरकार ने निवेशकों को एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने होशियारपुर में सवा चार करोड़ की लागत से फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए बिजनेस फस्र्ट पोर्टल पर आन लाइन आवेदन किया था, जिसमें पोर्टल द्वारा बहुत ही कम समय में उन्हें संबंधित विभाग से मंजूरी प्राप्त हो गई, जिनमें सी.एल.यू, सी.टी.ई, इमारत की योजना संबंधी स्वीकृति, बिजली कनेक्शन संबंधी क्लीयरेंस शामिल है। श्री सरदाना ने कहा कि यह पोर्टल निवेशकों के लिए वास्तव में सुविधाजनक है क्योंकि आसानी से ही इस पोर्टल पर सभी विभागों से आन लाइन मंजूरी मिल जाती है।
    उधर डिप्टी कमिश्नर श्रीमती ईशा कालिया ने बताया कि सुखजीत मैगा फूड पार्क की तरह अन्य निवेशक सिंगल विंडों सिस्टम के माध्यम से जिले में निवेश के लिए अपनी रु चि दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के शुरु होने से निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि बहुत सी बड़ी इकाईयों ने बिजनेस फस्र्ट पोर्टल के माध्यम से अपने नए प्रोजैक्टों को शुरु किया है और इन निवेशकों को बहुत ही कम समय में आन लाइन सभी स्वीकृतियां मिल गई है। उन्होंने बताया कि बिजनेस फस्र्ट पोर्टल के सिंगल विंडों सिस्टम के माध्यम से जिले में अब तक 28 निवेशकों ने अप्लाई कर अपनी रु चि दिखाई है, जिसमें से 8 उद्योग तो 751 करोड़ का निवेश भी कर चुके हैं जबकि बाकी 20 निवेशकों ने अपने प्रोजैक्टों की अनुमानित लागत 3228 करोड़ बताई है।
    डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि हाल ही में पंजाब सरकार की ओर से इंडस्ट्रीयल एंड बिजनेस डेवलेपमैंट पॉलिसी 2017 के अंतर्गत 10 करोड़ रु पये तक के सूक्ष्म लघु व मध्यम लघु औद्योगिक यूनिट(एम.एस.एम.ई) स्थापित करने संबंधी अधिकार जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी को दे दिए गए हैं। पहले जिला स्तरीय कमेटी की ओर से 1 करोड़ रु पये तक के औद्योगिक यूनिट स्थापित करने के लिए एक छत के नीचे सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से निवेशक को और अधिक फायदा मिला है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के द्वारा निवेशक अपनी इकाई को रजिस्टर करने के लिए और उपलब्ध सुविधाएं लेने के लिए स्वयं अप्लाई कर सकता है और उसको समूचि क्लीयरेंस ऑनलाइन ही दी जाएगी। इसके अलावा इस पोर्टल में ऑनलाइन फीसों के भुगतान, तीसरी पक्ष की वैरीफिकेशन और एप्लीकेशन ट्रेकिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
    श्रीमती ईशा कालिया ने कहा कि यह पोर्टल निवेश के लिए पारदर्शी, एकीकृत और एक ही जगह पर हरेक व्यवस्था करने वाला है। यह समयबद्ध तरीकों से सेवाएं प्रदान करेगा। बिजनेस फस्र्ट से काम का आसानी से पता लगाया जा सकेगा और निगरानी रखी जा सकेगी। इसलिए एस.एम.एस. और ई -मेल की सूचना के अलावा सर्टिफिकेट /लाईसेंस डिजिटल तौर पर जारी किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बिजनेस फस्ट पोर्टल पर अपनी मंजूरी जानो की सुविधा निवेशकोंं को दी गई है जिसके द्वारा वह उद्योग स्थापित करने के लिए जरु री मंजूरियों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इससे उनका कारोबार करने के लिए समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी और वे संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी बचेंगे। श्रीमती ईशा कालिया ने निवेशकों को आहन किया कि वे अपने उद्योग स्थापित करने के लिए इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें ताकि उन्हें सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधा मिल सके।

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