गांवों की नुहार बदलने के लिए जिले में चल रहे हैं युद्ध स्तर पर विकास कार्य: एडीसी अमृत सिंह

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    होशियारपुर (रुपिंदर ) ग्रामीण व पंचायत विभाग गांवों की नुहार बदलने के लिए वचनबद्ध है, जिसके चलते जिले में युद्ध स्तर पर विकास के कार्य करवाए जा रहे हैं। यह विचार अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर(विकास) अमृत सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से पिछले दिनों महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम (मगनरेगा) की सफल कहानियों को दर्शाती पुस्तिका ‘चेंजिंग फेस ऑफ रुरल पंजाब’ (ग्रामीण पंजाब की बदलती नुहार) रिलीज करने पर उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा तैयार की गई इस पुस्तिका में मगनरेगा की सफल कहानियां व राज्य में इस योजना को लागू करने के नतीजे व ग्रामीण गरीबों के जीवन में किए गए सुधारों का जिक्र है, जिसमें होशियारपुर से जुड़ी सफलता की कहानियों को भी स्थान दिया गया है।
    पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्रीमती अमृत सिंह ने होशियारपुर जिले में अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत पिछले ढाई वर्षों के दौरान की गई प्रगति के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि मगनरेगा के अंतर्गत 18 नर्सरियों में जहां 717000 पौधे तैयार किए वहीं 80 पार्क मुकम्मल भी किए गए। इसके अलावा 21 आंगनवाड़ी सैंटरों की ईमारतों का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि मगनरेगा के अंतर्गत अब तक 29,10,015 दिहाडिय़ां दी जा चुकी हैं, जिनमें कुल 26.65 करोड़ रु पए की लागत से अलग-अलग गांवों में रास्तों के काम करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के संबंध में वन विभाग की ओर से अलग-अलग गांवों में 5,84,900 पौधे लगाए जा चुके हैं।
    श्रीमती अमृत सिंह ने बताया कि पंजाब स्टेट रु रल लाइवलीहुड मिशन के अंतर्गत 66 सैल्फ हैल्प ग्रुप बनाए गए, जिनमें 20 ग्रुपों को 3 लाख रु पए रिवालविंग फंड जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि तलवाड़ा ब्लाक के गांव बहविधिया में 9 सैल्फ हैल्प ग्रुपों के 90 परिवारों की ओर से कपड़े के बैग तैयार किए जा रहे हैं, ताकि प्लास्टिक के बैगों से निजात मिल सके व वातावरण की शुद्धि हो सके। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि प्रधानमंत्री विकास योजना(ग्रामीण) के अंतर्गत 604 लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए वित्तिय सहायता दी जा चुकी है, जिनकी ओर से अपने मकान बना लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जहां स्मार्ट विलेज कैंपेन के अंतर्गत 17.74 करोड़ रु पए से 1770 विकास के अलग-अलग कार्य करवाए जा रहे हैं वहीं सरकार की ओर से शुरु किए गए जल शक्ति अभियान योजना के अंतर्गत जिले में 810 कार्य करवाए जा रहे हैं।

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