आर्टिकल 15 फिल्म होशियारपुर में लगी तो अप्रिय घटना के लिए सिनेमामालिक होंगे जिम्मेंवार: हिंदू संगठन

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    होशियारपुर(शाम शर्मा ): श्री भगवान परशुराम सेना व होशियारपुर के अन्य हिंदू संगठनों की मीटिंग जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में फिल्म आर्टिकल 15 को होशियारपुर में न लगाने पर गहनता से विचार विर्मश किया गया। इस दौरान आशुतोष शर्मा ने कहा होशियारपुर के जिस सिनेमाघर में ये फिल्म लगी और इसके बाद वहां हुई अप्रिय घटना की जिम्मेंवारी सिनेमाघर मालिक की होगी।
    मीटिंग में विश्व हिंदू परिषद के हरभजन सिंह, ब्राह्मण कल्याण परिषद से केसी शर्मा, भारतीय सनातन महावीर दल कृष्ण गोपाल आनंद, आल इंडिया शिरोमणि मंदिर प्रबंधक कमेटी से शाखा बग्गा, श्री शिवरात्रि उत्सव कमेटी से हरीश खोसला, शिव सेना बाल ठाकरे से रंजीत राणा, शिव सेना हिंदुस्तान से राजिंदर राणा, युवा परिवार से पवन कुमार, राजिंदर मोदगिल, अश्वनी शर्मा, लायन क्लब विश्वास से विजय अरोड़ा, सनातन धर्म महावीर दल से अमृत लाल अग्रिहोत्री विशेष तौर पर शामिल हुए। सभी दलों के पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि होशियारपुर के किसी भी सिनेमाघर में आर्टिकल 15 फिल्म नहीं लगने दी जाएगी। क्योंकि इस फिल्म को एक सच्ची घटना पर आधारित बोल बना गया लेकिन इसका सच्चाई से कोई नाता नहीं हैं। नेताओं ने कहा आर्टिकल 15 हिंदू समाज को बांटने वाली फिल्म है तथा इसमें ब्राह्मणों को बदनाम करने की राजिश की गई जिसे किसी कीमत पर बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा फिल्म में ब्राह्मणों व हिंदू समाज की छवि को खराब करने की कोशिश की है और ये फिल्म देश में अराजकता फैलाने वाली है। नेताओं ने कहा फिल्म में जो लडक़ी दिखाई है वो पारसी धर्म से संबंधित दिखाई है जबकि पारसी हिंदू समाज से संबंधित नहीं हैं। इसलिए फिल्म में तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया हैं।
    श्री भगवान परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि सूचना प्रसारण मंत्रालय के मंत्री प्रकाश जावेद ब्राह्मणों के नाम पर कलंक है, वहीं सैंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसुण जोशी, ब्राह्मण सभा पंजाब के प्रधान शेखर शुक्ला का ब्राह्मणों के हक में न आना दुभार्गयपूर्ण है। उन्होंने कहा ये लोग सत्ताधारियों के पाले में जा बैठे हैं।
    शर्मा ने कहा आने वाले समय में सूचना प्रसारण मंत्री, सैंसर बोर्ड के चेयरमैन का श्मशानघाट में पहले घड़ा फोड़ा जाएगा फिर अर्थी फूंकी जाएंगी और बाद में उनकी अस्थियों का गज्ञा में पिंडदान करने के बाद हरिद्वार में प्रवाहित की जाएंगी।

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