अज्ञानता के कारण इंसान परमात्मा से दूर : मनोहर लाल शर्मा

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    होशियारपुर (मनप्रीत मन्ना ): अज्ञानता के कारण इंसान परमात्मा से दूर है, परमात्मा के अंग संग होने के बावजूद इंसान परमात्मा को देख नहीं पा रहा है। सतगुरु की शरण में जाकर जब इंसान ब्रह्मज्ञान हासिल करता है तो अज्ञानता रूपी अंधेरा दूर हो जाता है। उक्त विचार सतगुरु माता सुदीक्षा जी के अर्शीवाद से संत निरंकारी सत्संग भवन शामचौरासी में मुखी महात्मा मास्टर चमन लाल के नेतृत्व में आयोजित संत समागम के दौरान जोनल इंचार्ज महात्मा मनोहर लाल शर्मा ने प्रकट किए। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि आज संसार वैर, विरोध, नफरत की आग में जल रहा है, जिसको सिर्फ प्यार का पानी ही बूझा सकता है। आज मानव किसी के आगे झूकना ही नहीं चाहता, जो कि इसके पिछडने का कारण है। अगर इंसान परमात्मा के बनाए हुए इंसान को जाति पाति व ऊच नीच को न देखते हुए प्यार करे तो इंसान का जीवन सुखों से कार सकता है। उन्होंने कहा कि यह तब ही हो सकता है अगर इंसान इस निराकार की जानकारी पूर्ण सतगुरु के चरणों में जाकर हासिल करे। इंसान वैर की आग से वैर को मिटाना चाहता है लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है असंकाव है। अगर वैर की आग को मिटाना है तो प्यार, निर्मता व सहनशीलता जरूरी है। पूरातन समय से ही पीर, पैंगवर इंसान को इंसान से जोड़ते आए है किसी को किसी से तोड़ा नहीं। संत निरंकारी मिशन का एक ही उद्देशय है कि एक को जानो, एक को मानो व एक हो जाओ। इंसान के मानव जीवन मिलने का मुख्य उद्देशय इस निरंकार की जानकारी प्राप्त करना है, जो कि इंसान काूल चुका है। संत महापुुरुष इस उद्देश को समय समय पर आकर याद दिलाते है। इस अवसर पर मुखी महात्मा मास्टर चमन लाल जी ने आए हुए जोनल इंचार्ज महात्मा मनोहर लाल शर्मा व आई हुई संगत का धन्यवाद किया। इस अवसर काारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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