प्राइवेट स्कूलों को भी राहत दे सरकार ताकि न हो सके अभिभावकों का आर्थिक शोषण: ठाकुर लक्की सिंह

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    होशियारपुर, जनगाथा टाइम्स : (सिमरन)

    होशियारपुर : लॉकडाउन के कारण जहां हर वर्ग एवं कारोबार का सिस्टम हिल गया है वहीं शिक्षा क्षेत्र में भी इसका व्यापक असर हुआ है। भले ही कुछ समय से सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर उठाया गया है, बावजूद इसके पर्याप्त संख्या में सरकारी स्कूल न होने के कारण लोगों को बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ता है। सरकारी स्कूलों में सारा खर्च सरकार द्वारा किया जाता है तथा प्राइवेट स्कूलों को अपने स्तर पर फीस व अन्य फंडों से सारे खर्च मैनेज करने पड़ते हैं। इस समय जबकि अधिकतर कामकाज बंद हैं और पता चला है कि कुछेक स्कूल अभिभावकों को फीस देने और जबरन किताबें आदि खरीदने को मजबूर कर रहे हैं जोकि सरासर गलत है। ऐसी स्थिति में स्कूल प्रबंधकों को अभिभावकों की मजबूरी को समझते हुए सहयोग करना चाहिए। यह बात राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव ठाकुर लक्की सिंह ने बैठक में कही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने अन्य संस्थानों को राहत दी है उसी प्रकार प्राइवेट स्कूलों को भी राहत दी जानी चाहिए ताकि वे अभिभावकों का आर्थिक शोषण न करें।

    ठाकुर लक्की सिंह ने कहा कि इस समय हर कोई परेशान है तथा कामकाज पूरी तरह से बंद हैं। काम न होने के कारण हजारों लोग पंजाब से पलायन करने को विवश हो रहे हैं तथा जो लोग यहां के पक्के निवासी हैं उनके आगे भी रोजी रोजगार को पुन: शुरु करने की नौबत आ गई है। इसलिए कुछ समय के लिए सरकार को बिजली के बिल, टैक्स में छूट, पानी व सीवरेज के बिलों की दरों में कमी करनी चाहिए ताकि मध्यम व निम्न मध्यमवर्ग को राहत मिल सके और प्राइवेट स्कूलों के बिल भी माफ किए जाएं।

    ठाकुर लक्की सिंह ने कहा कि जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती तब तक सरकार का फर्ज बनता है कि वो हर वर्ग एवं संस्थान के उत्थान एवं राहत के लिए नीतियों पर कार्य करे। लेकिन सरकार द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। ठाकुर लक्की सिंह ने कहा कि यह जनता का सब्र ही है कि जो काम सरकार को करने चाहिए थे वे जनता ने आपसी सहयोग से किए और अब जबकि जनता को राहत देने की बात आई है तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है तथा लोगों को मोटे-मोट बिल भेजे जा रहे हैं। न तो टैक्सों में छूट दी गई है और न ही कामकाज शुरु करने की पूरी तरह से आज्ञा। ऐसे में लोग कैसे कमाएंगे और कैसे सरकार का ख्जाना भरेंगे। इसलिए सरकार को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए हर वर्ग एवं संस्थान को राहत देने के लिए कार्य करे और उसे जमीनी स्तर पर लागू भी करवाए ताकि हरेक को नीतियों का लाभ मिल सके। इस मौके पर राकेश चावला, रमनजीत रम्मी, राज कुमार कटारिया, मनोज ढींगरा, नरेश कुमार, बिट्टू व अमित शर्मा आदि मौजूद थे।

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