पोकेमॉन गो की मची है धूम! जानिए आखिर है क्या यह?

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    आजकल दुनियाभर में किसी गेम या चीज़ का नाम सबके ज़ुबान पर है तो वो है पोकेमॉन गो। जहां देखो, जहां पढ़ो, जहां सुनो बस पोकेमॉन ही पोकेमॉन। इन दिनों ये इतना लोकप्रिय गेम हो गया है कि देश-विदेश में इसको खेलने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन अब तो इसके बारे में कोई ना कोई अच्छी या बुरी खबर मिल रही है। इस गेम का जुनून इस कदर चढ़ा है कि आम लोगों से लेकर सेलिब्रेटीज़ तक का पीछा नहीं छोड़ रहा है। हफ्ते भर में मोबाईल गेमिंग इंडस्ट्री में खलबली मचाने वाले इस गेम को भारी संख्या में लोग डाउनलोड कर चुके हैं। खबर ये भी है कि बॉलीवुड में भी इसका खुमार चढ़ गया है। हाल ही में अनुष्का शर्मा, शाहरुख खान के बाद प्रियंका चोपड़ा ने भी इस गेम का जमकर लुत्फ उठाया है और इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया।

    पोकेमॉन गो गेम में दुनिया उलझती जा रही है, बढ़ते हादसों के कारण अब कई देश इस पर बैन लगा चुके हैं। सउदी अरब ने तो इस गेम के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। हालांकि भारत में ये गेम ऑफिशली लॉन्च नहीं हुआ है लेकिन फिर भी लोगों ने इसका एपीके डाउनलोड किया है। भारत में भी ये गेम लोगों को काफी पसंद आ रहा है। लोगों को पोकेमॉन मंदिर, सड़क, पार्क या समंदर के पास मिल रहे हैं। लेकिन इस गेम की आलोचना भी काफी हो रही है क्योंकि ये गेम यूज़र्स की कई अहम जानकारी लेता है जैसे ई-मेल अड्रेस, लोकेशन, आईपी अड्रेस आदि। लेकिन कंपनी का कहना है कि आप की सभी जानकारियां सेफ हैं।

    पोकेमॉन गो की हिस्ट्री

    1996 में ये गेम जापान में लड़कों के लिए रिलीज़ किया गया। पोकेमॉन गेम खासतौर पर रोल प्लेयिंग विडियो गेम्स की सीरिज़ था। फरवरी 2016 तक इस गेम की 279 मिलियन यूनिट्स की बिक्री हो चुकी थी जिसमें से 200 मिलियन प्रमुख सीरिज़ की थी। ये गेम दुनियाभर में दूसरा सबसे ज्यादा बिकने वाला गेम है। इसे बनाने वाले नितांदो का मारियो गेम इससे अधिक बिका है। पोकेमॉन का सबसे पॉप्युलर किरदार पिकाचु है।

    क्या है पोकेमॉन गो गेम और ये कैसे खेल जाता है?
     
    ये एक ऑगमेंटेड रिएलिटी गेम है, जो फोन के गेम या जीपीएस के इस्तेमाल से खेला जा सकता है। इस गेम में कैमरे की मदद से पोकेमॉन नाम के वर्चुअल क्रीचर को पकड़ना होता है। आप अपने फोन को कहीं भी पोइंट कीजिए और आपके सामने उस जगह पर खड़ा हुआ एक पोकेमॉन नज़र आएगा और आपको उसे पकड़ना होगा। मान लीजिए कि आपने अपने घर के सामने वाली सड़क पर कैमरा पोइंट किया है तो आपको सड़क पर नज़र आने वाले पोकेमॉन को कैच करना है। गूगल मैप के इस्तेमाल से आप अलग-अलग पोकेमॉन को पकड़ सकते हैं जैसे आप झील या नदी के पास हैं तो आपको वॉटर टाइप पोकेमॉन ढूंढना होगा और अगर आप पार्क में हैं तो आपको बग पोकेमॉन पकड़ना होगा। पोकेमॉन पकड़ने के लिए यूज़र्स को लाल और सफेद रंग की पोके बॉल्स को छोड़ना होता है। पोकेमॉन को पकड़कर आप इन्हें ट्रेन कर सकते हैं और लड़ सकते हैं।

    पोकेमॉन गो पॉकेट मॉनस्टर का छोटा-सा वर्ज़न है। इस मोबाइल फोन गेम में लोग वर्चुअल दुनिया में अलग-अलग चेहरे में मौजूद छोटे-छोटे शेतानों को पकड़ते हैं और फिर इन्हें एक-दूसरे से लड़ाते हैं। ऐसी ही उनके ग्रेड और पोइंट्स बढ़ते हैं। भारत में अभी तक इस गेम को ऑफिशियली लॉन्च नहीं किया गया है।

    टूटा रिकॉर्ड
     
    पोकेमॉन गो गेम अमेरिका में 5 जुलाई 2016 को लॉन्च हुआ था। इस गेम के यूज़र्स की संख्या दिन रात बढ़ती ही जा रही है। इसकी पॉप्युलैरिटी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ एक हफ्ते में ही इस गेम ने डाउलनोड के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। लोग वॉट्स एप्प और इंस्टाग्राम से भी ज्यादा समय इस गेम को दे रहे हैं। इस गेम के यूज़र्स की संख्या उतनी होने जा रही है जितनी की ट्विटर यूज़र्स की है। इस गेम ने पूरी दुनिया में धमाल मचा रखा है।

    पोकेमॉन गेम के फायदे
     
    लोग चाहे इस गेम के लिए कितने भी नाक-मुंह सिकोड़ लें लेकिन इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि इस गेम का खुमार दुनियाभर में सब के सिर चढ़ के बोल रहा है। और ऐसा नहीं है कि गेम्स के बस नुकसान ही होते हैं, कुछ फायदे भी होते हैं। आइये जानते हैं कि इस गेम को खेलने से क्या फायदा हो सकता है।

    ये मोबाइल गेम हेल्थ के लिए अच्छा साबित हो सकता है क्योंकि ये गेम एक जगह बैठ कर नहीं खेला जा सकता है। इसमें आगे बढ़ने के लिए आपको खूब भागदौड़ करनी पड़ती है और कुछ ऐसी खास जगह भी हैं जहां आपको पोकेमॉन मिल सकते हैं। इसके साथ ही कई और ज़रूरी चीज़ें जैसे पोकेबॉल्स भी जुटानी पड़ती हैं। चलना और दौड़ना आपकी सेहत के लिए कितना ज़रूरी है ये बताने की ज़रूरत नहीं है।

    इस गेम की खास बात ये है कि इसे खेलने के लिए आपको लैपटॉप या कंप्यूटर से चिपकना नहीं पड़ता इसकी वजह से आपको बाहर की हवा के साथ वॉक करने को भी मिल जाता है। काम के बीच भी थोड़ा रेस्ट लेकर भी ये गेम खेला जा सकता है ताकि आप थोड़ा स्ट्रेस-फ्री रह सकें। अच्छी सेहत के साथ-साथ पोकेमॉन गो आपकी कमाई का ज़रिया भी बन सकता है क्योंकि दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो इस गेम का हिस्सा तो बनना चाहते हैं लेकिन अपने व्यस्त जीवन के चलते ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिए आप प्लेयर बन सकते हैं और गेम में उनकी जगह खेलकर उनका लेवल बढ़ा सकते हैं। विदेशों में इस गेम को एक घंटे खेलने के लिए 20 डॉलर तक दिए जा रहे हैं और इतना ही नहीं कई शहरों में तो इसके लिए बकायदा ऐड भी दिए जा रहे हैं। तो हुआ ना ये हेल्थ और पॉकेट दोनों का फायदा।

    ये गेम आपके लिए काफी ऐडवेंचर्स भी साबित होगा क्योंकि इसे खेलते हुए आपको कहीं ऐसी अनजान जगह भी जाना पड़ेगा जहां आप कभी नहीं गए होंगे।

    पोकेमॉन गेम के नुकसान
     
    हाल फिलहाल में ऐसी कई घटनाएं हमें सुनने को मिलीं जो पोकेमॉन गो गेम की वजह से हुई हैं। चूंकि ये गेम घर बैठ कर नहीं खेला जा सकता है तो लोग कई बार पोकेमॉन को पकड़ने के चक्कर में ऐसी जगह चले जाते हैं जो कि खतरे से खाली नहीं है। अमेरिका में तो पुलिस ने लोगों को नसीहत दी है कि वो ऐसी जगह ना जाएं जो खतरनाक साबित हो। इस गेम को खेलने के चक्कर में कई रोड एक्सिडेंट भी हो चुके हैं। साथ ही कई लोग रास्ता भी भटके और कुछ लोगों ने तो बॉर्डर तक क्रॉस कर ली जिनकी वजह से उन्हें पुलिस ने भी पकड़ा।

    पोकेमॉन गो जैसे कई लोकेशन बेस्ड गेम्स जैसे चेक इन, माइ टाउन को थोड़ी बहुत सफलता तो मिली लेकिन लोग जल्दी इन गेम्स से जल्दी बोर हो गए। पोकेमॉन बनाने वाली कंपनी के साथ ये पोज़िटिव पहलु है कि इसके पास ज़रूरत के मुताबिक यूज़र्स हैं। और साथ ही अच्छी तकनीक भी, दोनों के मेल के साथ ही पोकेमॉन जैसी सफल सीरिज़ बनाई जा सकती है। ये यूज़र्स को बांधे रखता है क्योंकि इसमें रोमांच और नएपन की कमी नहीं है।

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