जल्द ही स्मार्ट होंगे डाकिए, आधुनिक बनेंगे डाकघर

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    केंद्र सरकार लगातार इस कोशिश में है कि डाकघर को भी स्मार्ट बनाया जाए। इसी कड़ी में सरकार अब 800 करोड़ रुपए के कोष के साथ भारतीय डाक भुगतान बैंक के गठन का प्रस्ताव लेकर आयी है। गौरतलब है कि देश में 1.54 लाख डाकघर हैं जिसमें 1.34 लाख डाक घर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। सरकार अब 650 शाखाओं में डाक भुगतान बैंक स्थापित करने जा रही है। जो एक साल के अंदर काम करना शुरू कर देंगे। सरकार की योजनाओं के तहत ग्रामीण डाकघरों में सभी ग्रामीण डाक सेवकों को मार्च 2017 तक हस्ताचालित उपकरण भी दिया जाएगा। सरकार इस योजना के तहत इसलिए कार्य कर रही है कि ताकि बैंकों की तरह डाकघर भी कार्य करें। गौरतलब है कि देश में बैंकिंग नेटवर्क में भारतीय स्टेट बैंक सबसे बड़ा है जबकि 22,137 डाकघरों में कोर बैंकिंग सुविधाएं हैं।

    गांव-गांव तक फैला है डाक जीवन बीमा 
    डाक जीवन बीमा योजनाओं को बीमा का एक ऐसा गुलदस्ता माना जाता है जिसमें तरह तरह के फूल हैं। इसकी सुरक्षा आजीवन बीमा योजना और संतोष एंडोमेंट पॉलिसी खासी चर्चित है। मंदी के इस दौर में बाजार ने पैसा लगाने वालों को भले ही परेशान कर दिया हो, पर आज भी एक निवेश का ऐसा क्षेत्र है जिसने परंपरागत निवेशकों को आकर्षित कर रखा है। यह है भारतीय डाक विभाग द्वारा चलाया जा रहा डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा। डाक जीवन बीमा की सबसे बड़ी खासियत है इसका प्रीमियम जीवन बीमा की अन्य योजनाओं से कम होना। इसके अलावा कई तरह की पॉलिसी के विकल्प होने की वजह से यह लोगों को अपनी जरूरत और आमदनी के अनुसार योजना चुनने की सुविधा भी प्रदान करता है।
    डाक विभाग द्वारा संचालित होने के कारण देश के दूर-दराज के गांवों तक इसका नेटवर्क फैला है जो इसे व्यापक बना देता है। डाक जीवन बीमा की शुरुआत ब्रिटिश काल में डाक विभाग द्वारा 18 अक्टूबर 1882 को की गई थी। शुरुआत में यह योजना केवल डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए ही थी। बाद के वर्षों में इसका दायरा बढ़ता गया और यह केंद्र और राज्य सरकारों के सभी विभागों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्थानीय निकायों आदि के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध हो गया। 1995 में सरकार ने डाक जीवन बीमा को देश के सभी नागरिकों के लिए खोल दिया और ग्रामीण लोगों के लिए अलग से ग्रामीण डाक जीवन बीमा शुरू किया गया।
    डाक जीवन बीमा बेहतरीन
    देश के जीवन बीमा कारोबार में करीब 22 कंपनियां सक्रिय हैं। कई और कंपनियां इस इंडस्ट्री में दाखिल होने की तैयारी में हैं। हर कंपनी अपनी खास योजनाओं के साथ बाजार में मौजूद है। मगर किसी भी कंपनी की जीवन बीमा पॉलिसी डाक जीवन बीमा योजना की बराबरी नहीं कर सकती। अगर आप केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी हैं या फिर किसी स्थानीय निकाय के वेतनभोगी हैं, तो आपके लिए यह स्कीम शानदार है। यहीं नहीं, सरकारी एडेड स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और पीएसयू के कर्मचारियों के लिए भी ये स्कीम जबरदस्त है। डाक जीवन बीमा से बेहतरीन कोई योजना नहीं है।
    लीजिए टैक्स छूट
    पोस्टल लाइफ इंश्योरेस ने दूसरे उत्पादों की तुलना में ज्यादा बेहतर रिटर्न दिया। उदाहरण के लिए पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस ने अपनी एंडोमेंट पॉलिसी पर हर एक हजार रुपए पर सत्तर रुपए का बोनस दिया। ऐसा 2003 से पॉलिसी की मेच्योरिटी के बावजूद किया गया। इसमें बीमा पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति को पॉलिसी की अवधि खत्म होने के बाद बीमित राशि और साथ ही सालाना बोनस भी मिलता है। इसके उलट देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी ने बीते पांच साल के दौरान एंडोमेंट पॉलिसी पर तीन से लेकर अड़तीस रुपए तक का औसत बोनस घोषित किया है। तीस वर्षीय एक सरकारी कर्मचारी का ही उदाहरण लीजिए। अगर वह बीस साल की अवधि और एक लाख रुपए के जोखिम कवर के लिए संतोष नामक पीएलआई की एंडोमेंट पॉलिसी खरीदता है, तो वह हर महीने चार सौ रुपए का प्रीमियम चुकाएगा। एलआईसी की इसी तरह की एक अन्य पॉलिसी एंडोमेंट इंश्योरेंस प्लान के लिए मासिक प्रीमियम चार सौ बयालीस रुपए होगा। बीस साल के बाद मेच्योरिटी के वक्त उन्हें एक हजार रुपए के निवेश पर सत्तर रुपए के मौजूदा बोनस दर के हिसाब से दो लाख चालीस हजार रुपए की आमदनी होगी। पॉलिसी की मियाद के दौरान चुकाया गया प्रीमियम घटाए जाने पर उसकी शुद्ध आमदनी एक लाख 44 हजार रुपए होगी। एलआईसी एंश्योरेंस पॉलिसी के मामले में मौजूदा बोनस दरों से उससे मिलने वाला धन दो लाख 40 हजार रुपए होगा।
    रिवर्जनरी बोनस एक हजार रुपए की बीमित राशि पर 42 रुपए होगा, जबकि टर्मिनल बोनस हर एक हजार रुपए की रकम पर दो सौ रुपए होगा। हर हिसाब से देखें, तो एलआईसी की स्कीम में शुद्ध आमदनी 98 हजार रुपए के काफी कम स्तर पर होगी। अगला जाहिर सा सवाल टैक्स के मोर्चे पर मिलने वाली राहत से जुड़ा है। पीएलआई में निवेशक को वे सभी टैक्स बेनिफिट मिलते हैं, जो एक जीवन बीमा पॉलिसी के मामले में निवेशक को हासिल होते हैं। यह रिटर्न कर के दायरे से बाहर रहता है। और प्रीमियम के भुगतान पर आय कर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत छूट मिलती है। पॉलिसीधारक देश के किसी भी डाकघर में इस स्कीम के लिए प्रीमियम की अदायगी कर सकता है। कुछ चुनिंदा सरकारी विभाग तनख्वाह से प्रीमियम हासिल करने की सुविधा भी देते हैं, लेकिन प्रीमियम पास बुक लेना ज्यादा फायदेमंद है। हालांकि, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस उऩ निवेशकों के लिए नहीं है जो यूनिट आधारित बीमा पॉलिसी या यूलिप या पेंशन प्लान जैसे आधुनिक दौर के उत्पादों पर गौर कर रहे हैं।

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