जज्बे को सलाम! जेल में रहकर करता था तैयारी, पास किया JEE

    0
    48

    एक अपराधी के बेटे ने कोटा की खुली जेल के 8×8 के कमरे में दो साल तक पिता के साथ रहकर अपनी आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी की और बच्चों के लिए प्रेरणा की एक नई कहानी लिखी।

    जयपुर का पीयूष मीणा, एक हत्या की सजा काट रहे दोषी फूलचंद का बेटा है। पीयूष ने जेईई-एडवांस परिणामों में 453 रैंक (अनुसूचित जनजाति वर्ग) हासिल किया है। उसके पास छात्रावास की फीस भरने के पैसे नहीं थे जिस कारण उसे अपने पिता के साथ जेल में ही रहना पड़ा।

    खुली जेल नियमों के हिसाब से न केवल परिवार के सदस्यों को दोषी के साथ रहने की अनुमति दी जाती है बल्कि उसे बाहर जा कर कमाई करने की भी इजाजत होती है। अपने पिता की इच्छाओं के खिलाफ जा कर भी पीयूष जुलाई 2014 से उनके साथ जेल में ही रह रहा था।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here