मौत के डर से हर समय खाता रहता है ये तानाशाह, 4 साल में बढ़ा 40 किलो वजन!

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    उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग-उन अपने परमाणु कार्यक्रम के जरिए दुनिया को डराता है। लेकिन, क्या आप यकीन करेंगे कि वो खुद कितना डरा रहता है। उसके जानी दुश्मन देश दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का दावा है कि तानाशाह को हर वक्त अपनी सुरक्षा की फिक्र सताए रहती है। उसे हमेशा ये डर रहता है कि कहीं कोई उसकी हत्या न कर दे। इसी तनाव में उसकी नींद उड़ी रहती है और वो अपना समय बिताने के लिए बेहिसाब खाता-पीता है, जिसके चलते उसका वजन बढ़ता ही जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक अगर ऐसा ही रहा तो उसे कई गंभीर जानलेवा बीमारियां हो सकती है। जो आगे चलकर उसकी मौत का कारण बन जाएंगी।

    उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन को सत्ता संभाले अभी चार साल हुए हैं,  लेकिन इन चार सालों में वो खुद कितना बदल चुका है। 2012 में किम जोंग-उन का वजन 90 किलो था जो अब बढ़कर 130 किलो तक पहुंच गया है। यानी चार साल में तानाशाह का वजन 40 किलो बढ़ गया है। यही वजह है कि वो पहले से कहीं ज्यादा मोटा और थुलथुल नजर आता है। उसका शरीर दिन-ब-दिन फूलता ही जा रहा है।

    लेकिन सवाल ये है कि ढाई करोड़ लोगों को अपने इशारे पर नचाने वाला तानाशाह आखिर ऐसी कौन सी बीमारी का मारा है, जिसके चलते वो अपने वजन पर काबू नहीं कर पा रहा। आखिर क्यों वो अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पा रहा है। तानाशाह की हर छोटी-बड़ी हरकत पर नजर रखने वाली दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी यानी एनआईएस की मानें तो 33 साल के गोलमटोल तानाशाह के इस कदर वजन बढ़ने की वजह एक खास बीमारी है।

    एनआईएस का दावा है कि किम जोंग-उन पैरानोइया और स्लीपिंग डिसऑर्डर का शिकार है। इस बीमारी में नींद न आने की तकलीफ बनी रहती है। तानाशाह को ये डर लगा रहता है कि कोई उसकी हत्या कर देगा, जिसकी वजह से वो हर वक्त तनाव में डूबा रहता है। तनाव में वो बेहिसाब खाता-पीता है जिससे उसका वजन बढ़ता जा रहा है।

    उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग-उन ने चार साल पहले अपने पिता की मौत के बाद देश की कमान अपने हाथों में ली थी। उसके बाद से ही उसका वजन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पहले दो साल में जहां उसका वजन करीब 25 किलो बढ़ा तो वहीं पिछले दो सालों में 15 किलो से भी ज्यादा बढ़ गया।

    तानाशाह की सेहत को लेकर नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने दक्षिण कोरिया की पार्लियामेंट्री कमेटी को रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक-  किम जोंग-उन अपनी सत्ता पर आने वाले किसी भी खतरे को लेकर हमेशा सचेत रहता है, चाहे वो सेना हो। खासकर अपनी सुरक्षा को पुख्ता करने को लेकर उस पर हमेशा पागलपन सा सवार रहता है। उसके इसी तनाव के चलते भी तानाशाह के खाने-पीने की आदतें भी बिगड़ गई हैं। वजन बढ़ने के चलते उसे और भी कई जानलेवा बीमारियां अपनी चपेट में ले सकती हैं।

    एनआईएस ने इस बात की भी पुष्टि की है कि कभी ताकतवर रहीं किम की चाची आज भी जिंदा हैं। दरअसल, तानाशाह किम जोंग-उन ने 2013 में अपने चाचा जांग सोंग-टीक को मरवा दिया था, उन पर देशद्रोह और भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। वो तब शाही परिवार में नंबर दो की हैसियत रखते थे। उन्होंने ही किम को सत्ता सौंपने में अहम भूमिका निभाई थी। एनआईएस के मुताबिक- अपने पति को सजा-ए-मौत दिए जाने के बाद उन्हें (किम की चाची) गहरा सदमा लगा था और वो शराब के नशे में रहने लगीं। लेकिन अब वो प्योंगयांग में हैं जहां उनकी खास देखभाल की जा रही है।

    पेटू तानाशाह के वजह बढ़ने की एक बड़ी वजह ये भी है कि वो खाने-पीने का भी बेहद शौकीन है। 2014 में ये बात सामने आई थी कि किम को स्विस चीज यानी स्विट्जरलैंड के पनीर की भारी लत है। पश्चिमी देशों की पाबंदियों के बावजूद वो अपने इस शौक को पूरा करता है। वो बड़ी मात्रा में स्विट्जरलैंड से खास एमेंटल पनीर को मंगवाता है।

    एक तरफ तानाशाह खाने-पीने के अपने महंगे शौक पूरे कर रहा है तो वहीं, वो इसी साल अपने कंगाल मुल्क को अकाल से निपटने की चेतावनी दे चुका है। उसने 1994 से 1998 के बीच पड़े अकाल की याद दिलाते हुए कहा कि हमें एक बार फिर घासफूस खाकर काम चलाना पड़ेगा। बता दें कि चार साल पड़े सूखे में 35 लाख लोगों की मौत हुई थी।

    ये अलग बात है कि उत्तर कोरिया में सूखा और भूख जैसे शब्दों पर पाबंदी है क्योंकि तानाशाह के राज में ये माना जाता है कि इन शब्दों से देश की छवि खराब होती है। लेकिन वो तानाशाह ही क्या जिसे जनता की फिक्र हो,  उसे तो बस अपनी फिक्र है।

    तानाशाह निहायत मोटा तो है ही, उस पर उसे सिगरेट की भी बड़ी लत लगी हुई है। किम जोंग-उन जब कभी भी प्लांट, कंस्ट्रक्शन साइट या फिर फैक्ट्री का दौरा करने जाता है तो उसके हाथ में सिगरेट जरूर नजर आती है। यहां तक कि पिछले दिनों जब पूरे उत्तर कोरिया में तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाया गया, तब भी वो सिगरेट के कश लेता दिखा था।

    किम के पिता किम जोंग-इल और दादा किम इल-संग भी खूब सिगरेट पीते थे और दोनों की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई थी। ऐसे में सवाल ये है कि क्या उत्तर कोरिया में तीसरी पीढ़ी का तानाशाह किम जोंग-उन भी अपने बाप-दादा की तरह मरेगा। क्या किम का भुक्खड़पन उसे ज्यादा नहीं जीने देगा। क्या खाने-पीने की खराब आदतें ही आज के सबसे क्रूर और सनकी तानाशाह का काल बन जाएंगी। ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

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