IPL – मां लगाती थी सड़क किनारे स्टाल, बेटा बिका तीन करोड़ में

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    नई दिल्ली : थंगारासू नटराजन की आंखें टीवी स्क्रीन पर जमीं थीं। बेंगलुरु में आईपीएल नीलामी के दौरान टीमें बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को खरीदने में खासी दिलचस्पी दिखा रही थीं। 25 साल के इस गेंदबाज का बेस प्राइस केवल 10 लाख रुपये था लेकिन उनकी कीमत में इजाफा होता गया। वीरेंदर सहवाग उन्हें अपनी टीम में चाहते थे। आखिरकार तीन करोड़ रुपये में किंग्स ने उन्हें खरीद लिया। वह इस आईपीएल नीलामी में सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी भी हैं। नटराजन उन दिनों को याद कर रहे होंगे जब उनकी मां सड़क किनारे स्टाल लगाती थीं और पिता रेलवे स्टेशन पर पॉर्टर का काम करते थे। उस समय 20 वर्षीय नटराजन, जो अपने पिता की पांच संतानों में से एक थे, अपने गृहनगर, सालेम, में टेनिस बॉल से खेला करते थे। नटराजन आखिर चेन्नै पुहंचे। यहां उन्होंने जॉली रोवर्स जैसे बड़े क्लब के लिए क्रिकेट खेला। इस क्लब के लिए आर. अश्विन और मुरली विजय जैसे बड़े खिलाड़ी खेल चुके थे। पिछले साल टीएनपीएल (तमिलनाडु प्रीमियर लीग) में कामयाब प्रदर्शन ने उन्हें काफी लोकप्रियता दिलाई। नटराजन ने कहा, मुझे यह सब सपने जैसा लग रहा है। मुझे कभी नहीं लगा था कि मैं तमिलनाडु प्रीमियर लीग में खेलूंगा, आईपीएल तो बहुत दूर की बात है। मैं इस सब के लिए बहुत शुक्रगुजार हूं। नटराजन याद करते हैं कि कैसे तमिलनाडु प्रीमियर लीग ने उन्हें जरूरी मंच दिया। उन्होंने कहा, जब मुझे टीएनपीएल के लिए चुना गया तो मुझ पर कोई खास दबाव नहीं था, लेकिन मैं अश्विन, विजय, एल बालाजी (तमिलनाडु के बोलिंग कोच) का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझमें आत्मविश्वास भरा। रणजी ट्रोफी खेलना मेरा सपना था जो उसके बाद पूरा हुआ। अब मैं आईपीएल में और लोगों से मिलकर नया सीखना चाहता हूं। दो साल तक चेन्नै में क्लब क्रिकेट खेलने के बाद नटराजन को रणजी ट्रॉफी 2015-16 के लिए चुना गया। उनकी गेंदबाजी क्षमता को देखते हुए उन्हें तमिलनाडु का मुस्तफिजुर रहमान कहा जाने लगा।

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