छात्रों को वीर सावरकर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में पढ़ाएगी हरियाणा सरकार

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    गुड़गांव: हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि राज्य के छात्रों को गीता और विभिन्न धर्मों की पवित्र पुस्तकों के ज्ञान के अलावा नैतिक शिक्षा के तहत जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के बारे में पढ़ाया जाएगा।

    छठवीं से बारहवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में बदलाव के विवादित कदम पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं, जहां व्यक्तित्व विकास के लिए नैतिक शिक्षा पढ़ाई जाती है और यह छात्र की शिक्षा में बड़ी भूमिका निभाती है।

    शर्मा ने कहा, ‘राज्य शिक्षा विभाग नैतिक शिक्षा पाठ्यक्रम जोड़ने जा रहा है, जिसमें भगवद् गीता, कुरान जैसी धार्मिक पवित्र पुस्तकें और बौद्ध, ईसाई धर्म से जुड़ी पुस्तकें… स्वतंत्रता सेनानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वीर सावरकर, चंद्रशेखर आजाद, उधम सिंह, भगत सिंह तथा अन्य शामिल हैं।’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें व्यक्तित्व विकास के लिए जीवन में सूर्य के महत्व तथा नैतिक कर्तव्य पढ़ाए जाएंगे, ताकि वे परिपक्व नागरिक की तरह बढे हों तथा उनके अंदर राष्ट्रवाद एवं देशभक्ति की भावना हो।’ मुखर्जी और सावरकर हिन्दुत्व का चेहरा रहे हैं।

    इससे पहले, पाठ्यक्रम में गीता को शामिल करने को लेकर विपक्ष ने हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद सरकार ने कहा था कि पाठ्यक्रम में विभिन्न धर्मों की बातों को शामिल किया जाएगा। विपक्ष ने शिक्षा के ‘भगवाकरण’ का आरोप लगाते हुए केंद्र तथा राज्यों में बीजेपी सरकार की आलोचना की थी।

    शर्मा ने कहा, ‘हमने सभी सरकारी स्कूलों में नई मसौदा पुस्तकें वितरित कर दी हैं और हरियाणा शिक्षा विभाग एवं बोर्ड पाठ्यक्रम के तहत एक जुलाई 2016 से स्कूल फिर से खुलने के बाद से सभी सरकारी, निजी एवं पब्लिक स्कूलों में यह शुरू किया जाएगा।’

    केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, आरएसएस सदस्य स्वामी ज्ञानेंद्र तथा अन्य चर्चित लोग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में ‘छात्र जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा करेंगे।

    शर्मा ने कहा कि आरएसएस द्वारा दी जाने वाली नैतिक शिक्षा छात्रों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी तरह से नये पाठ्यक्रम के उद्देश्य छात्रों को अच्छा नागरिक बनाना है। सूत्रों ने कहा कि नैतिक शिक्षा पर इन नई मसौदा पुस्तकों और पाठ्यक्रम को बाद में बीजेपी शासित अन्य राज्यों में शुरू किया जा सकता है।

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