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कांग्रेस का आरोप- बीजेपी ने कांग्रेस के विधायकों को बनाया बंधक, एससी में सुनवाई:

कांग्रेस का आरोप- बीजेपी ने कांग्रेस के विधायकों को बनाया बंधक, एससी में सुनवाई:

नई दिल्ली, जनगाथा टाइम्स: (सिमरन)

नई दिल्ली: मध्‍य प्रदेश के सियासी ड्रामे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में थोड़ी देर में होगी. बीजेपी की तरफ से शिवराज सिंह चौहान ने मध्‍य प्रदेश विधानसभा में जल्‍द से जल्‍द फ्लोर टेस्‍ट कराने को लेकर याचिका दायर कर रखी है. इस पर ही सुनवाई होगी. दरअसल बीजेपी की तरफ से कहा गया कि वकील मुकुल रोहतगी टेलीकॉम मामले में दूसरी कोर्ट में बहस कर रहे है. इस पर कोर्ट ने कहा कि वो थोड़ी देर बाद मामले की सुनवाई करेंगे. पहले तय समय के मुताबिक सुनवाई 10.30 बजे होनी थी. उसके बाद जज कॉफी पीने के लिए कोर्ट रूम से अपने चैंबर गए. जज ने कहा कि जब वकील आ जाएं तो जज को बुला लें.

सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है. कल मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बीजेपी पर कांग्रेस के 16 विधायकों अपहरण कर बंधक रखने का आरोप लगाया. कहा कि कोर्ट इनकी रिहाई सुनिश्चित करे. अर्जी में कहा गया है कि इन विधायकों की गैरमौजूदगी में विश्वास मत नहीं हो सकता. अगर 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया है तो पहले उनकी सीट पर दोबारा चुनाव हो, क्‍योंकि इन विधायकों के इस्‍तीफे का मकसद सरकार को गिराना है. अर्जी में फ्लोर टेस्ट कराए जाने के गवर्नर के आदेश पर सवाल उठाया गया है. कहा गया है कि गवर्नर पहले से ही ये मानकर चल रहे हैं कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है. यह याचिका विधानसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप गोविंद सिंह के नाम से दायर की गई है.

ऐजीआर मामला:

ऐजीआर मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह के लिए टाली. सरकार को टेलीकॉम कंपनियों से वसूली के लिए नया प्लान देने को कहा. सरकार 20 साल में वसूली करने की मोहलत की मांग कर रही थी. इसके साथ ही एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (ऐजीआर) मामले में टेलीकॉम कंपनियों को लगभग डेढ़ लाख करोड़ रु. के भुगतान के लिए समय देने की सरकार की मांग पर एससी ने आज कोई आदेश नहीं दिया. अगली सुनवाई में फैसला लिया जाएगा. एससी ने कंपनियों को ढील दिए जाने पर नाराजगी जताई. कहा- उन्हें ब्याज समेत पैसा देना होगा.

इस बीच मध्य प्रदेश मामले में कांग्रेस के 16 बाग़ी विधायकों में से 1 विधायक के भाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया. सीजेएल एस ए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने याचिकाकर्ता को उचित फोरम में जाने की इजाजत दी. कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी के भाई बलराम चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मनोज को पेश करने और रिहा करने की मांग की है.

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