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अब तक 3170 मीट्रिक टन गेहूं की हो चुकी है खरीद, 6225 मीट्रिक टन गेहूं की हो चुकी है आमद-डीसी

अब तक 3170 मीट्रिक टन गेहूं की हो चुकी है खरीद, 6225 मीट्रिक टन गेहूं की हो चुकी है आमद-डीसी

होशियारपुर(रुपिंदर ) डिप्टी कमिश्नर श्रीमती ईशा कालिया ने कहा कि जिले में गेहूं की खरीद सुचारु ढंग से की जाएगी, ताकि मंडियों में गेहूं का एक-एक दाना उठाया जा सके। वे आज जिला खाद्य एवं आपूर्ति कंट्रोलर, जिला मंडी अधिकारी, एरिया मैनेजर एफ.सी.आई. समूह खरीद एजेंसियों व आढ़तियों के साथ बैठक के दौरान गेहूं की खरीद प्रबंधों का जायजा ले रहे थे।
श्रीमती ईशा कालिया ने कहा कि जिले की 62 मंडियों में गेहूं की खरीद के लिए सुचारु प्रबंध किए गए हैं, जिसके चलते 6225 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हो चुकी है व इसमें से 3170 मीट्रिक टन गेहूं अलग-अलग खरीद एजेंसियों की ओर से खरीदा जा चुका है। उन्होंने कहा कि पनग्रेन ने 2344 मीट्रिक टन, पंजाब स्टेट वेयर हाऊस कार्पोरेशन ने 155, एफ.सी.आई. ने 450 व ट्रेडर्स ने 221 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
डिप्टी कमिश्नर ने खरीद एजेंसियों के जिला मैनेजरों को हिदायत जारी करते हुए कहा कि निर्धारित 12 प्रतिशत नमी मुताबिक मंडियों में आया गेहूं की समय पर खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को ज्यादा समय मंडियों में रु कना न पड़े। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों की ओर से सुनिश्चित किया जाए कि गेहूं की लिफ्टिंग समय पर हो सके। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियां निर्धारित किए लक्ष्य अनुसार गेहूं की खरीद यकीनी बनाएं। उन्होंने कहा कि मंडी में बिजली, किसानों के लिए शैड, पीने वाली पानी आदि के लिए आवश्यक प्रबंध भी यकीनी बनाए जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इलाके में बेमौसमी बरसात के कारण नमी ज्यादा सामने आ रही है, उस संबंधी पंजाब सरकार की ओर से भारत सरकार को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को को मंडियों में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।

श्रीमती ईशा कालिया ने किसानों को अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित की गई 12 प्रतिशत नमी वाला गेहूं ही मंडियों में लाएं। उन्होंने कहा कि सांय 7 बजे के बाद व सुबह 9 बजे से पहले कंबाइन के माध्यम से कटाई न करें, क्योंकि इस समय के दौरान गेहूं की कटाई करवाने से गेहंू में नमी ज्यादा होती है। उन्होंने किसानों को गेहूं की नाड़ व अन्य फसलों के अवशेष को आग न लगाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि आग लगाने से जहां वार्तावरण प्रदूषित होता है वहीं जमीन की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। इससे जमीन के मित्र कीड़े भी मर जाते हैं। इस मौके पर जिला खाद्य एवं आपूर्ति कंट्रोलर श्रीमती रजनीश कुमारी, जिला मंडी अधिकारी श्री तजिंदर सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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