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डॉ. मंजू शर्मा का कातिल उसका ही भतीजा निकला

डॉ. मंजू शर्मा का कातिल उसका ही भतीजा निकला

जनगाथा / होशियारपुर / 28 जुलाई को होशियारपुर के पॉश इलाके माल रोड में एस.एस.पी. के निवास स्थान के समीप हुई डा. मंजू शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने मु य आरोपी को गिर तार करके केस सुलझाने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने जिस आरोपी को गिर तार किया है वह स्व. डा. मंजू शर्मा के भाई का लडक़ा (डा. मंजू का भतीजा) था। उसने अपनी बुआ से ढाई लाख रुपये की मांग की थी, मगर डा. मंजू शर्मा ने उसे रुपये देने से इंकार कर दिया था। पुलिस ने हत्या के मामले में डा. मंजू शर्मा के भतीजे को गिर तार करके आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
इस संबंधी पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकारवार्ता में जानकारी देते हुए आई.जी. जालंधर रेंड अर्पित शुक्ला (आई.पी.एस.) ने बताया कि 28 जुलाई को डा. मंजू शर्मा की हत्या की जांच के लएि एस.एस.पी. होशियारपुर जे. इनलचेलियन ने एस.पी. हरप्रीत सिंह मंडेर की अगुवाई में डी.एस.पी. सुखविंदर सिंह, थाना सिटी प्रभारी कमलजीत सिंह तथा सी.आई.ए. स्टाफ इंचार्ज इंस्पैक्टर सुखविंदर सिंह की अगुवाई में जांच टीम गठित की थी। इस जांच टीम ने त तीश दौरान पाया कि डा. मंजू शर्मा का भतीजा अमित शर्मा उर्फ जि मी पुत्र विनय शर्मा निवासी ई.जी.-1026, गोबिंद नगर, थाना बारादारी, जिला जालंधर जोकि ट्रैवल एजेंटी का काम करता था तथा इसने लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लोगों से काफी पैसे ठगे थे। इसका काम लगभग बंद हो चुका है। इसने अपने काम के लिए डा. मंजू से कुछ समय पहले ढाई लाख रुपये की मांग की थी। वह अपना काम चलाने के लिए डा. शर्मा से पैसे लेने आया था। डा. मंजू शर्मा द्वारा पैसे देने से इंकार करने पर उसने डा. शर्मा को धक्का मारा, जिस पर वह गिर गई। इस पर अमित ने डा. शर्मा के गले में चुन्नी डालकर उसका गला घोंट दिया और उसे और चोटें भी पहुंचाई। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया था। पुलिस ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच कर मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्रभाव से जांच शुरु कर दी थी। ई.जी. शुक्ला ने बताया कि आरोपी के पास से कुछ कोरे अष्टाम भी बरामद हुए हैं, जिन पर उसने अपनी बुआ के जबरदस्ती हस्ताक्षर ले लिए थे। उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि और जानकारी हासिल हो सके।
बेटे की शिकायत पर पुलिस ने किया था मामला दर्ज
डा. मंजू शर्मा के बेटे दीपक शर्मा पुत्र स्व. देव दत्त शर्मा ने पुलिस को बताया था कि वह करनाल में क्लीनिक करता है तथा 28 जुलाई को जब उसने अपनी माता डा. मंजू शर्मा को फोन किया तो उसकी माता ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उसने अपने किसी पहचान वाले को घर जाकर देखने के लिए कहा। उसका दोस्त जब उनके घर पहुंचा तो उसने देखा कि उसकी माता की किसी अज्ञात व्यक्ति ने गले में चुनरी डालकर हत्या कर दी है। इस पर वह तुरंत होशियारपुर आ गया और उसने पुलिस से जांच की गुहार लगाई। पुलिस ने इस मामले में विशेष जांच टीम गठित कर दी और पुलिस ने दो दिन के भीतर केस से पर्दा उठाते हुए आरोपी को गिर तार कर लिया है।

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