सेलुलर एसोसिएशन का ट्राई पर आरोप, Jio के कहने पर मीटिंग से रखा बाहर

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    दूरसंचार कंपनियों के संगठन सीओएआई ने ट्राई पर आरोप लगाते हुए कहा कि नेटवर्क इंटरकनेक्टिवटी के विवादास्पद मुददे पर हुई बैठक से उसके प्रतिनिधियों को रिलायंस जियो के दबाव में आकर बाहर रखा गया। घंटे भर चली इस बैठक में रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के प्रतिनिधि शामिल थे लेकिन कहा जा रहा है कि सीओएआई के अधिकारियों को इससे बाहर रखा गया। सीओएआई के महानिदेशक राजन एस मैथ्यूज ने एक बयान में कहा कि रिलायंस जियो की दबाव में संस्था को ट्राई की बैठक से बाहर रखा गया और ट्राई ने भी अप्रत्याशित रूप से उनकी मांग को चुपचाप मान लिया।

    रिलायंस जियो ने खारिज किया आरोप

    इस बैठक में मौजूद रिलायंस जियो इन्फोकॉम के निदेशक मंडल के एक सदस्य ने इस आरोप को यह कहते हुये खारिज किया कि उन्होंने ऐसा कोई आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिस किसी को भी आमंत्रित किया गया वे बैठक में भाग लें। ट्राई ने रिलायंस जियो और एयरटेल, वोडाफोन तथा आइडिया के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए बैठक बुलाई थी।

    COAI ने लिखा था ट्राई को लेटर

    सेल्यूलर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कल ट्राई को लिखा था कि शुक्रवार को जो बैठक बुलाई गई है जिसमें कि एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया को चर्चा के लिए बुलाया गया है, एसोसिएशन सभी सदस्यों से जुड़ी है न कि सिर्फ इन तीन दूरसंचार कंपनियों से। सीओएआई ने पत्र में लिखा है, इसलिए हम आग्रह करते हैं सीओएआई के सभी सदस्यों को उक्त बैठक में बुलाया जाए।

    पहले भी ट्राई पर लगा चुकी है आरोप, बाद में मांगी थी माफी

    सीओएआई ने अगस्त में ट्राई पर पक्षपात का आरोप लगाया था लेकिन बाद में ऐसे आरोप लगाने के लिए माफी मांगी थी। रिलायंस जियो ने पांच सितंबर से अपनी सर्विस शुरू की है। कंपनी ने तब भी आरोप लगाया था कि अन्य कंपनियां उसके कस्टमर्स द्वारा की जा रही कॉल को फेल कर रही हैं। जियो ने इस संबंध में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। रिलायंस जियो भी सीओएआई का सदस्य है लेकिन उसे संगठन में प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने दरकिनार कर दिया है।

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