वैर की आग को मिटाना है तो प्यार, निर्मता व सहनशीलता जरूरी :भाटिया

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    होशियारपुर : सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी के अर्शीवाद से संत निरंकारी सत्संग भवन असलामाबाद होशियारपुर में मुखी माता सुभदरा देवी जी के नेतृत्व में संत समागम करवाया गया। इस अवसर पर विनोद भाटिया तलवाड़ा विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि आज संसार वैर, विरोध, नफरत की आग में जल रहा है, जिसको सिर्फ प्यार का पानी ही बूझा सकता है। आज मानव किसी के आगे झूकना ही नहीं चाहता, जो कि इसके पिछडऩे का कारण है। अगर इंसान परमात्मा के बनाए हुए इंसान को जाति पाति व ऊच नीच को न देखते हुए प्यार करे तो इंसान का जीवन सुखों से भर सकता है। उन्होंने कहा कि यह तब ही हो सकता है अगर इंसान इस निराकार की जानकारी पूर्ण सतगुरु के चरणों में जाकर हासिल करे। इंसान वैर की आग से वैर को मिटाना चाहता है लेकिन एेसा नहीं हो सकता है असंभव है। अगर वैर की आग को मिटाना है तो प्यार, निर्मता व सहनशीलता जरूरी है। पूरातन समय से ही पीर, पैंगवर इंसान को इंसान से जोड़ते आए है किसी को किसी से तोड़ा नहीं। संत निरंकारी मिशन का एक ही उद्देशय है कि एक को जानो, एक को मानो व एक हो जाआे। इंसान के मानव जीवन मिलने का मुख्य उद्देशय इस निरंकार की जानकारी प्राप्त करना है, जो कि इंसान भूल चुका है। संत महापुुरुष इस उद्देश को समय समय पर आकर याद दिलाते है। इस अवसर पर मुखी माता सुभदरा देवी जी ने आए हुए महात्मा विनोद भाटिया व आई हुई संगत का धन्यवाद किया। इस अवसर पर संचालक बाल किशन जी, शिक्षक देविंदर बोहरा बोबी, गिरधारी लाल, बख्शी सिंह, निर्मल दास, हरी राम, पंकज, राकेश कुमार तलवाड़ा, जसवीर सिंह, योगराज जी, अमित, सुशील, गुणवंत कपूर, अनुराधा जी, नीरजा जी आदि उपस्थित थे।

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