वाह ! शिक्षा विभाग ने मरी हुई महिला टीचर को भी दे दी तरक्की , स्टेशन भी अलॉट कर दिया

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    होशियारपुर

    स्कूल शिक्षा विभाग का कारनामा तो देखिए विभाग नेे दो साल पहले मरी महिला को पदोन्नत कर हैड टीचर बना दिया। सिर्फ यही नहीं उसे स्टेशन भी अलाट कर दिया गया।

    ऐसे में सवाल पैदा होता है कि जब महिला मर ही गई थी तो उसकी फाइल विभाग के पास कैसे आई। इससे पता चलता है कि विभाग द्वारा की गई पदोन्नतियों में कितनी गंभीरता और पारदशिता से काम होता है।

    हुआ यूं कि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से एलीमेंट्री स्कूल में काम कर रहे ईटीटी टीचरों को पदोन्नत कर हैड टीचर बनाया गया। इसके अंतर्गत जिले में 450 ईटीटी टीचरों को ईटीटी टीचर से हैड टीचर बनाया गया था। इनमें सीरियल  नंबर 263 और वरिष्ठता सूचि न ंबर 349 जो कि  कश्मीर कौर है को पदोन्नत कर दिया गया और उसे सरकारी एलीमेंट्री चक्क सिंहा से पदोन्नत कर सरकारी एलीमेंट्री स्कूल ईसपुर मखसूसपुर चेलां का हैड टीचर बना दिया गया। पड़ताल करने पर पता चला कि कश्मीर कौर का लगभग दो साल पहले हार्ट अटैक से देहांत हो गया था लेकिन एलीमेंट्री शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली देखिए उन्होंने ऐसे टीचर को पदोन्नत कर दिया जिसकी मौत हो चुकी है।

    विभाग की इस करतूत से एक अध्यापक की पदोन्नति नहीं हो पार्ई। चूंकि क्योंकि कश्मीर कौर एससी कैटागिरी में थी इसके चलते एक एससी कैटागिरी के टीचर को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाया। इसे विभाग की उदासीनता नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे?

    विभाग की इस करतूत के कारण भलाई विभाग के पास जो रोस्टर रजिस्टर जाता है उसमें भी कश्मीर कौर की प्रमोशन के कारण गलती रह गई और भलाई विभाग भी गलत रोस्टर चला गया।

    सिर्फ यही नहीं एलीमेंट्री विभाग ने अपने उन अध्यापकों के साथ भी धक्का किया है जो कि बतौर हैडटीचर पदोन्नति नहीं लेना चाहते थे क्योंकि वे अध्यापक बतौर मास्टर कैडर प्रमोशन चाहते थे। लेकिन डीईओ ने 66 अध्यापकों को जबरदस्ती हैड टीचर पदोन्नत कर दिया है जबकि यह अध्यापक एफीडेविट दे चुके है कि वे हैड टीचर पदोन्नत नहीं होना चाहते। ऐसे में अब यह अध्यापक हैड टीचर ज्वाइन नहीं करेंगे और 21 दिन बाद ज्वाइन न करने की सूरत में वे सभी दो साल के लिए डी बार हो जाएंगे। डी- बार के चलते येे  अध्यापक दो साल तक कोई पदोन्नति नहीं ले पाएंगे और न ही दो साल तक एसीपी ले सकते है।  जबकि इन अध्यापकों ने प्रमोशन के लिए पहले से ही मास्टर कैडर की आप्शन भरी थे लेकिन बावजूद इनके इन्हें हैड टीचर पदोन्नत किया गया।

    इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी(ए) बलवीर सिंह ने कहा कि ऐसा होना नहीं चाहिए, वे चैक करवाएंगे कि कैसे एक मरे हुई महिला को प्रमोशन दे दी गई।

    जिस अध्यापिका को विभाग ने हैड टीचर पदोन्नत किया है उनके पति हरमेश लाल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की दो साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।

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