लालबत्ती वाली कार ; विधायक ने कहा- मैं तो बैठूंगा, बड़ी मुश्किल से मिली है

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    Hoshiarpur/
    पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार की ओर से वीआईपी कल्चर खत्म करने का ऐलान किए जाने के अगले दिन ही बड़ा झटका लगा है। कैप्टन की सरकार में सिंचाई और बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने अपनी सरकारी गाड़ी से लाल बत्ती हटाने से इनकार कर दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी कैबिनेट के अधिकांश मंत्रियों ने अपने सरकारी वाहनों से लाल बत्ती हटा दी थी, लेकिन कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह की राय इस मामले में अपनी सरकार के फैसले से बिल्कुल अलग है।
    एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह कहते हुए अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटाने से इनकार कर दिया, ‘‘मैं तो लाल बत्ती वाली कार में बैठूंगा। बड़ी मुश्किल से मिली है। घुटने रगड़कर यह मौका मिला है।’’ इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया, ‘‘मेरे लिए ही नहीं, सिक्योरिटी का क्या करोगे? किसी मंत्री को कुछ हो जाए तो आप क्या करोगे?’’
    राणा गुरजीत सिंह के इस बयान से यह साफ हो गया कि वीआईपी कल्चर खत्म करने की कैप्टन की मुहिम पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकेगी। हालांकि, राणा गुरजीत सिंह के इस बयान को आधार बनाकर जब पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा से पूछा गया कि क्या वे लाल बत्ती वाली कार ही चाहेंगे, तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटवा दी है। राणा गुरजीत सिंह के बयान के बारे में बाजवा ने कहा कि यह उनका अपना नजरिया है, मैं तो लाल बत्ती हटा चुका हूं।
    मेरी चिंता इस बात को लेकर है कि बिना लाल बत्ती मंत्रियों को पहचानेगा कौन? रास्ते में किसी तरह का खतरा होने या हादसे में मंत्रियों को तुरंत मदद मिलना मुश्किल हो जाएगा। फिर भी अगर सीएम साहब कहेंगे तो मैं भी लाल बत्ती हटा दूंगा।
    -राणा गुरजीत सिंह सिंचाई व बिजली मंत्री, पंजाब सरकार।
    बता दें कि कैप्टन की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट की पहली बैठक में सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने का फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री और आला अफसरों की गाड़ियों पर लाल बत्ती नहीं लगाने का एलान किया था।

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