रेत खनन घोटाला: CM अमरिंदर सिंह ने राणा गुरजीत के खिलाफ दिए जांच के आदेश

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    JANGATHA/ चंडीगढ़: पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह के  खिलाफ रेत खनन के घोटाले में कर्मचारियों के नाम पर करोड़ों का ठेका लेने के आरोप में जांच के आदेश जारी किए है। कैप्टन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक महीने के अंदर रिपोर्ट जमा करवाने के लिए कहा है।

    हालाकि शनिवार को कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को अल्टीमेटम दिया था कि वह सोमवार तक राणा गुरजीत सिंह को मंत्री पद से हटाएं, यदि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते तो विरोधी पक्ष के नेता एच.एस फूलका के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के विधायक विधानसभा से मुख्य मंत्री की सरकार रिहायश तक रोष मार्च करेंगे। शुक्रवार को फूलका ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को पत्र लिख कर राणा गुरजीत सिंह को बर्खास्त करने और पिछली अकाली भाजपा सरकार के मंत्रियों और नेताओं की तरफ से किए गए ऐसे बेनामी और नाजायज कारोबार की समयबद्ध जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की थी। शिअद और भाजपा ने इन आरोपों की जांच करने की मांग की थी कि उन्होंने बालू और मिट्टी खनन को बेनामी लेन देन के माध्यम से अपनी कंपनी के रसोइए और कर्मचारियों के नाम पर हासिल किए। बहरहाल, राणा गुरजीत ने इन आरोपों से यह कहते हुए इंकार किया है कि न तो वह, न ही उनकी कंपनी राणा शुगर्स लिमिटेड की बालू खनन व्यवसाय में प्रत्यक्ष या परोक्ष हिस्सेदारी है।

    विधाानसभा चुनाव के दौरान राणा गुरजीत ने 169 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की थी। पिछले दिनों गुरजीत सिंह के पूर्व रसोइया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था। रसोइया अमित बहादुर के बैंक खाते में पांच हजार रुपए से भी कम हैं, लेकिन उसने 26 करोड़ की बोली लगाकर बालू (रेत) खनन का अधिकार हासिल किया। कैप्टन सरकार में 19 अप्रैल को खनन बोली लगाई गई थी। इस नीलामी में खनन का अधिकार हासिल करने वाले अमित बहादुर को 21 और 22 मई तक सारी रकम जमा करानी थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि अमित बहादुर के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में अप्रैल (2017) तक महज में 4,840 रुपए थी। इतना ही नहीं, बहादुर की ओर से दिए गए हलफनामें में भी उसके बैंक खाते से एक साल के दौरान 18,000 से 22,000 रुपए तक की राशि रही है। उसने अपनी कमाई का स्रोत अपनी सैलरी को बताया है, जो 11,206 रुपए है। अमित बहादुर के बैंक खाते में इस साल आठ मार्च को आखिरी बार सैलरी जमा हुई थी। सबसे दिलचस्प बात यह है 11 हजार कमाने वाले अमित ने 21 मई 2017 को 26.51 करोड़ की बोली लगाकर रेत खनन का टेंडर हासिल कर लिया। राजधानी चंडीगढ़ से करीब 100 किलोमीटर दूर नवानशहर के शादीपुर खुर्द के इस टेंडर के तहत अमित ने पहली किस्त के रूप में 13.23 करोड़ रुपए जमा कराए हैं।  गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले पंजाब में बालू खदानों के दो दिनों तक चली ई निविदा में 89 खदानों के लिए 1026 करोड़ रुपये की निविदा हासिल हुई है।

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