मोदी जी! कुवैत जेल विच्च फंसे साडे बेकसूर बच्चेयां दी जान बचाओ

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    होशियारपुर : पिछले सवा 2 साल से कुवैत की जेल में घोर नारकीय जीवन गुजार रहे 10 भारतीय (9 पंजाब व 1 राजस्थान) नौजवानों के परिजनों ने अब सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपने बेकसूर बच्चों को छुड़वाने के लिए कुवैत की सरकार के साथ मामला उठाकर हल करवाने की मार्मिक गुहार लगाई है। अब जबकि इस मामले में अदालत में अंतिम फैसला आने में महज एक सप्ताह ही बचा है तो जेल में बंद सभी 10 नौजवानों के साथ यहां उनके परिवारों की भी रातों की नींद और दिन का चैन गायब हो चुका है।

    क्या है मामला
    गौरतलब है कि अगस्त 2014 को कुवैत की अहमदिया कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने वाले भारतीयों, जिनमें अधिसंख्यक पंजाबी हैं, की कंपनी की बस में सीट पर बैठने को लेकर हुई झड़प ने ङ्क्षहसक रूप धारण कर लिया था। इसमें एक मिस्र (इजिप्ट) के मजदूर की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद कुवैत पुलिस ने करीब 25 से 30 भारतीय युवकों को हिरासत में लिया था। जांच के बाद बाकी को छोड़ 10 नौजवानों संतोख सिंह पुत्र सुरिन्द्र सिंह निवासी कपूरथला, 2 सगे भाई सुरजीत पाल व रुलदा राम पुत्र दर्शन राम निवासी बडला (होशियारपुर), गुरप्रीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी मोगा, तरसेम पुत्र शिंगारा राम निवासी चूहड़वाली (जालंधर), सतपाल सिंह पुत्र मदन लाल निवासी अटारी नवांशहर, सोहन पुत्र हरभजन सिंह निवासी बस्सी जलाल टांडा, विजय कुमार पुत्र गुरबचन सिंह निवासी कपूरथला, रूप सिंह पुत्र बलदेव सिंह निवासी सीहड़ा (गुरदासपुर) और सोहनलाल निवासी सीकर (राजस्थान) को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया।

    हमारी आखिरी उम्मीद मोदी जी आप ही हैं
    होशियारपुर के गांव बडला में दोनों ही सगे भाइयों रुलदा राम व सुरजीत पाल के परिजनों ने रोते हुए बताया कि उनके बच्चे घर के हालात को मजबूत करने के लिए कुवैत गए थे। वे बेकसूर हैं फिर भी उन्हें जेल में बंद कर हमें दर-दर भटकने को मजबूर किया हुआ है। उन्होंने कुवैत स्थित भारतीय उच्चायोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि नौजवानों के पक्के तौर पर जाने के बावजूद उच्चायोग के अधिकारी व कर्मचारी उनकी कोई मदद नहीं कर रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई कि अब हमारी आखिरी उम्मीद आप ही हैं।

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