भगवान शिव की भक्ति मानव जाति का मार्गदर्शन करती है – साध्वी नीतिविधा भारती

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    जनगाथा । होशियारपुर । दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की और से चौक सराजा होशियारपुर में महाशिवरान्नि के पर करवाए गए धार्मिक कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए श्री आशुतोष महाराज जी कि शिष्या साध्वी नीतिविधा भारती जी ने बताया कि भगवान शिव की भक्ति मानव जाति का मार्गदर्शन करती है भगवान शिव का रहस्यमयी विचिन्न श्रंगार किया जाता हमें यह संकेत देता है हमें भक्ति मार्ग क ी और कैसे अग्रसर हों भगवान शिव को न्नयम्बकम कहा जाता है। अम्बक अर्थात नेन्न ,न्नय अर्थात तीन नेन्नो वाले इसी तीसरे नेन्न से उन्होनें काम दहन किया था । प्रत्येक प्राणी में गुप्त तृतीय नेन्न होता है।लेकिन वह ब्रहमनिष्ठ संत की कृपा से प्राप्त किया जा सकता है।भगवान शिव के नरमुण्ड़ो की माला धारण की जो हमें जीवन की नष्वरता के प्रति सर्तक कर रही है। विडम्बना की बात यह है कि आज मानव उनकी लीलाओं से कु छ सीखने की बजाय शिवरान्नि पर शोर-शराबे के बीच अश्लील गाने गाये जाते है और धतूरा,भांग गंाजा आदि नश्ीली चीजों का प्रयोग किया जाता है जो के समाज के लिए र्दुभाग्यपुर्ण है। भगवान शिव को ज्ञान के दृष्टिकोण से जाने वो भांग का नही नाम का नशा करते थे अंत में उन्होनें कहा कि भगवान शिव संहारकर्ता के रूप में जाने जाते है। जब ब्रह्यज्ञान में दिक्षित हुआ एक साधक दृढ़ता से भक्ति मार्ग पर चलता है तो संत उसके जीवन में महादेव शिव की भूमिका निभाते हैं। जो के भक्त के कुविचारों, दुष्प्रवृतियों, अवगुणों व कुसंस्कारों का संहार करते है फ लत: साधक निर्मल, पविन्न व श्रेष्ठ व्यक्तित्व को प्राप्त करता है।

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