बीमारियों के ईलाज को गरीब जनता की पहुंच में करे सरकार:अश्विनी गैंद

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    -दिल व अन्य बड़े आप्रेशनों के समय स्टैंट, प्लेट व अन्य उपकरणों के रेट फिक्स कर लोगों की पहुंच में बनाए जाएं
    होशियारपुर। केन्द्र सरकार द्वारा दिल का ईलाज सस्ता करने संबंधी जो समाचार आ रहे हैं वह गरीब लोगों के लिए वरदान साबित होगा। एंजियोलाजिस्ट के लिए जरुरी मैडिकल डिवाइस स्टैंट की कीमतें घरेलु बाजार में जल्द ही कम होने से गरीब लोग भी दिल से जुड़ी बीमारी का ईलाज करवा पाएंगे। अगर ऐसा होता है तो निजी अस्पतालों में होने वाली मरीजों की लूट भी बंद होगी। वर्तमान समय में स्टैंट की कीमत अधिक होने के चलते मरीजों को उसे लगवाने के लिए आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को चाहिए कि इस कदम को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाए। उक्त बात सामाजिक संस्था ‘नई सोचÓ के संस्थापक अध्यक्ष अश्विनी गैंद ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कही। अश्विनी गैंद ने कहा कि वर्तमान समय में अगर किसी मरीज ने स्टैंट डलवाना हो तो उसे 2.2.5 लाख रुपये तक इंतजाम करना पड़ता है तथा कई लोग इतनी बड़ी रकम इक_ा न कर पाने के चलते दम तोड़ जाते हैं। जिसे इंसानी जिंदगियों के साथ खिलवाड़ भी कहा जा सकता है। श्री गैंद ने कहा कि अगर सरकार सरकारी अस्पतालों को अपग्रेड करके वहां पर समस्त बीमारियों के ईलाज का प्रबंध करे तो देश वासियों को निजी अस्पतालों के हाथों आर्थिक शोषण का शिकार नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्टैंट ही नहीं बल्कि अन्य जरुरी दवाओं को भी लिस्ट में डाल कर इनकी कीमतें फिक्स की जानी चाहिए ताकि ईलाज के नाम पर मनमानी न हो सके। अश्विनी गैंद ने बताया कि जिन सरकारी अस्पतालों में स्टैंट डाले जाने की सुविधा है वहां पर 22 हजार से 65 हजार रुपये तक चार्ज किए जाते हैं जबकि प्राइवेट अस्पतालों में डोढ़ से ढाई लाख रुपये तक लिए जा रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता के हित में सरकार को ऐसे फैसले बिना किसी डर और दवाब के लागू करने चाहिए। निजी अस्पतालों की लूट को रोकने के लिए सरकार को सत कदम उठाने चाहिए और निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि वे सरकारी रेट एक बोर्ड पर लिखकर अस्पताल में लगाए जाएं ताकि मरीजों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं सरकार के इस कदम पर चिंता व विरोध दर्ज करवा रही है, अगर उन्होंने अपने स्वर न बदले तो उन्हें देश की जनता के रोष का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि जनता ईलाज के नाम पर आर्थिक शोषण से तंग आ चुकी है। अश्विनी गैंद ने कहा कि उनकी संस्था सरकार के हक में खड़ी है तथा जनता को जागरुक होकर सरकार के ऐसे फैसलों का जोरदार स्वागत करना चाहिए।

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