पत्थरबाज को जीप से बांधने वाले मेजर गोगोई बोले- अगर ऐसा न करता तो कई लोगों की जान जाती

    0
    7

    JANGATHA / श्रीनगर  : कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए एक युवक को जीप से बांधकर ढाल बनाने वाले मेजर लितुल गोगोई पहली बार मीडिया के सामने आए हैं। इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए गोगोई ने कहा कि अगर उस दिन उस युवक को जीप से बांधने वाले प्लान पर काम नहीं किया होता तो मौके पर कई लोगों की जानें जातीं। राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर लितुल गोगोई को आर्मी चीफ की ओर से इस घटना के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। हालांकि कश्मीर में पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रखी है। मेजर गोगाई ने बताया कि सुबह साढ़े 10 बजे कॉल आई कि गुंडीपुरा में 1200 लोगों ने पोलिंग स्टेशन को घेर रखा है और उसे पेट्रोल बम से जलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्विक रिस्पोंस टीम के साथ जब वे वहां पहुंचे तो भीड़ ने उनके काफिले पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। उन्होंने देखा कि एक युवक पत्थरबाजों को उकसा रहा है और उसी के नेतृत्व में ये पत्थरबाजी हो रही है। गोगाई ने कहा कि मैंने देखा कि वे व्यक्ति भारत के खिलाफ नारे लगा रहा था। मैं लगातार अनाऊंमेंट कर रहा था कि हम पोलिंग स्टाफ को बचाने आए हैं हमें जाने दीजिए। मेरे साथी कह रहे थे कि अगर हमने फायरिंग नहीं की तो हम जिंदा नहीं बच पाएंगे मैंने उन्हें कहा कि मैं कुछ न कुुछ करता हूं। हमारी टीम ने पीछा करके भीड़ को उकसाने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। इतने में पत्थरबाजी बंद हो गई। यहीं से उन्हें आइडिया आया कि भीड़ से सुरक्षित बाहर निकलना है और कोई बल-प्रयोग भीड़ पर नहीं करना है तो उस युवक को ही ढाल बनाना होगा। मेजर गोगोई ने कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करते और फायरिंग का रास्ता अपनाते तो कई जानें जातीं।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here