पक्के व्यापारी निकले विधायक जी

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    JANGATHA TIMES : ज्योत्सना विज, होशियारपुर: मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार गत दिवस कैप्टन अमरेंद्र सिंह होशियारपुर पधारे जहां उन्होंने सोनालिका ट्रैक्टर इंडस्ट्रीज के अतिआधुनिक ट्रैकटर प्लांट का उद्घाटन किया। वहां पर होशियारपुर के सभी कांग्रेसी विधायकों का जमावड़ा दिखा। आशा थी कि होशियारपुर से विधायक जी कैप्टन जी से होशियारपुर के लिए कुछ न कुछ ग्रांट जरुर हासिल करेंगे। जैसा की उनसे आशा थी ठीक उसी अनुरूप उन्होंने कालोनीनाइर्ज एंड प्रापर्टी डीजर्ल एसोसिएशन की मीटिंग कैप्टन साहिब से करवा दी कि उनको व्यापार में बहुत ही परेशानी आ रही है। कैप्टन साहिब ने भी उन्हें नई रीयल एस्टेट नीति तैयार करने का आश्वासन दिया। कैप्टन साहिब ने अपनी यारी खूब निभाई और जाते जाते अपनी सबसे करीबी दोस्त खुशवंत सिंह के गांव छियोनीकलां के लिए कई सहूलतों का ऐलान कर डाला। अब देखने वाली बात यह है कि विधायक जी तो पक्के व्यापारी निकले क्योंकि सब जानते हैं कि विधायक साहिब कितने बड़े कोलोनाइर्ज हैं उनके कितने स्कूल हैं, अस्पताल हैं, उन्हें कोलोनाइजर की समस्या तो नजर आती है और बाकी होशियारपुर की समस्याएं जाएं तेल लेने के लिए। अकाली-भाजपा सरकार के समय जो कैटल पाउंड का काम अधूरा पड़ा था उसके लिए कैप्टन साहिब से बात नहीं की और न ही सीवरेज संबंधी समस्याओं, सफाई मुलाजिमों को पक्का करने की बात को कैप्टन साहिब के सामने रखा। अब जिन लोगों ने विधायक साहिब को अपना कीमती वोद दिया है वो अब ठगा सा महसूस करने लगे हैं। विधायक जी को अपने कारोबार की चिंता है बाकी होशियारपुर की नहीं। विधायक का यह उत्तरदायित्व बनता है कि अपने क्षेत्र में लोगों को पेश आ रही दिक्कतों को सरकार के समक्ष रखे आखिर जनता ने उसे चुना ही इसी काम के लिए है। अगर विधायक जी को बिजनेस ही करना था तो राजनीति में उतरने की क्या जरुरत थी। अब भगवान ही जाने विधायक जी होशियारपुर के विकास के लिए क्या प्लान है। क्योंकि मौजूदा हालातों से तो विधायक जी की शहर के विकास को लेकर उदासीनता साफ झलक रही है। कांग्रेस का चेहरा मात्र 2 महीनों में ही बेनकाब हो गया है। होशियारपुर अब अगले पांच सालों में भगवान भरोसे हैं क्योंकि अगर राजा ऐसा होगा तो प्रजा का क्या हाल होगा यह तो आप सोच ही सकते हैं। विधायक जी के साथ चुनाव प्रचार के दिनों में उनके खैरखवाहों की फौज नजर आती थी वह अब दिखाई नहीं देती। ऐसा लगता है कि दाल में कुछ काला है या यूं कहिए की पूरी दाल ही काली है। विधायक जी को चाहिए कि लोगों के बीच में विचरे और उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास करें। राजनीति को बिजनेस चलाने का जरिया नहीं बल्कि सेवा का माध्यम समझे। सही मायने में यही एक विधायक का फर्ज होता है जनता जर्नादन के लिए।

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