पंजाब यूनिर्वसिटी की गलती से हो जाता विद्यार्थियों का नुकसान – प्रो. दलतीत सिंह की सूझबूझ से गलती पकड़ी गई , पेपर 36 की जगह 34 अंक का डाला

    0
    22

     

    पंजाब यूनिर्वसिटी की गलती से बच्चों का भविष्य खराब कर सकती थी अगर होशियारपुर सरकारी कालेज के बॉटनी विभाग के मुखी प्रो. दलजीत सिंह इसे ना पकड़ते । यूनिर्वसिटी ने बीएससी (मेडिकल ) के चौथे सेमेस्टर के बॉटनी (बी)के पेपर पूर्णाक से नंबर कम का सेट कर दिया। पेपर कुल 36 अंक का था जब कि इसे कुल नंबर 34 का ही डाला गया । इस प्रश्न पत्र का पहला प्रश्न 12 अंक का था । इस प्रश्न के 12 सब पार्ट थे और प्रत्येक पार्ट का एक अंक था और बाकी चार प्रश्न छह छह अंक थे । पहला प्रश्न 12 अंक का था जो जरूरी था , उसमें पेपर सेट करते समय 12 के स्थान पर 10 प्रश्न डाल दिए गए। इस तरह कुल अंक 36 की बजाए 34 रह गए । इससे छात्रों को इस पेपर में कुल पांच प्रतिशत का नुकसान था ।

    इसमें यूनिर्वसिटी ने तो पेपर सेट करते समय गलती की ही थी लेकिन बड़ी गलती उत्तरपुस्तिका चेक करने वालों से हुई । एक प्राध्यापक ने तो दो बंडल भी 34 नंबर के हिसाब से चेक कर दिए और अगर ऐसे ही सभी उत्तरपुस्तिकाएं चेक होके युनिर्वसिटी चली जाती तो यूनिर्वसिटी भी 34 नंबरों के हिसाब से नतीजा निकाल देती और छात्रों का बहुत नुकसान हो जाता । पेपर चेक होने के लिए होशियारपुर , लुधियाना व चंडीगढ़ के लिए थे और पंजाब यूनिर्वसिटी से सबंधित लगभग 1300 विद्यार्थियों ने यह पेपर दिया था ।

    होशियारपुर सरकारी कालेज में पेपर चैक करने करते समय यह गलती कालेज के बॉटनी विभाग के मुखी प्रो, दलजीत सिंह के ध्यान में आई । यह बात ध्यान में आते ही यूनिर्वसिटी से प्रो. दलजीत सिंह ने यूनिर्वसिटी से तालमेल स्थापित किया और उनकी सीक्रेसी विभाग के सुपरिंटेंडेंट रमेश चन्द्र से बात हुई । उन्होंने अपने स्तर पर बैठक कर छात्रों के नुकसान की भरपाई करते हुए प्रत्येक प्रश्र को एक नंबर की जगह 1.2 के हिसाब से अंक देने के लिए कहा । बाद में उन्होंने चंडीगढ़ व लुधियाना में भी फोन करके यह सूचना दी इसी के अनुसार जिन अध्यापकों ने गलत मार्किंग की उनसे ठीक करवा दी ।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here