पंजाब में थमा चुनावी शोर, रामरहीम करेंगे बीजेपी-अकाली का समर्थन

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    Hoshiarpur : पंजाब में चुनावी शोर थम चुका है. आज सभी दलों ने आखिरी बार प्रचार में ताकत झोंक दी. पंजाब में इस बार आम आदमी पार्टी के आने और सिद्धू के कांग्रेस में शामिल होने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया है.

    बादलों ने किया प्रचार
    पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने आज पिता प्रकाश सिंह बादल के लिए लंबी में रोड शो किया. लंबी से लगातार चुनाव जीत रहे बादल को इस बार कैप्टन अमरिंदर सिंह से कड़ी टक्कर मिल रही है. आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह भी मुकाबले को इस सीट पर त्रिकोणी बना रहे हैं.

    राहुल गांधी ने खाया लंगर में खाना
    राहुल गांधी भी आज पंजाब में प्रचार कर रहे थे. आज लंबी में उनकी पहली सभा हुई. फिर वो संगरूर पहुंचे और एक धर्मशाला में उन्होंने लंगर खाया. राहुल गांधी दोबारा प्रचार करने पंजाब गये थे. इससे पहले उन्होंने अमृतसर में दो दिनों तक प्रचार किया था. पंजाब में कैप्टन अमरिंदर कांग्रेस के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं और राहुल वोटरों को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड रहे.

    केजरीवाल ने किया रोड शो
    केजरीवाल ने आज लुधियाना में रोड शो किय़ा. पंजाब के इस चुनाव प्रचार में केजरीवाल ने पूरी ताकत झोंकी थी.

    बाबा राम रहीम करेंगे अकाली-बीजेपी को सपोर्ट
    बाबा राम रहीम ने पंजाब चुनाव में अकाली बीजेपी गठबंधन को समर्थन देने का फैसला कर लिया है. पंजाब में करीब 35 लाख परिवार में बाबा राम रहीम की पकड़ है. मालवा इलाके में बाबा राम रहीम के भक्त बड़ी संख्या में हैं. मालवा में विधानसभा की कुल 69 सीटें हैं और 40 पर डेरा का प्रभाव है.

    पंजाब में बाबा क्यों अहम हैं?
    मालवा पंजाब का दलित बहुल इलाका है. पंजाब में 33 फीसदी आबादी दलित समुदाय की है. सिख समुदाय और डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों में संबंध ठीक नहीं हैं. 2007 में पोशक विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हो चुका है. इसके बाद पंजाब में सिखों ने राम रहीम का सामाजिक बहिष्कार किया था.

    क्या है पंजाब का जातीय समीकरण
    पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटें हैं. 4 फरवरी को 1 करोड़ 92 लाख 14 हजार वोटर 1146 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. वोटिंग के लिए कुल 22 हजार 600 बूथ बनाए जाएंगे.

    पंजाब में अकाली गठबंधन, कांग्रेस और आप में त्रिकोणीय मुकाबला है. 2012 में अकाली गठबंधन को 68 सीटों पर जीत मिली थी. यहां 32-33 फीसदी दलित वोटर हैं जबकि 21 फीसदी जट सिख वोटर हैं.

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