पंजाब में अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए कैप्टन ने दिया कमेटी गठन का निर्देश

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    JANGATHA TIMES : चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अवैध कालोनियों को नियमित करने व वहां बसे लोगों के नाम मलकीयत के अधिकार तबदील करने के लिये विधि विधान तैयार करने के लिये मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी शहरों का मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक संपूर्ण करने के लिए भी शहरी योजनाबंदी विभाग को निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान परमोटरों को कोई बकाया नहीं प्रमाण पत्र ;नो डियू सर्टीफिकेट के आधार पर प्रौजेक्टों की अलॉटमैंट सहित और भी कई कदम उठाने का फैसला किया है ताकि राज्य में रीयल एस्टेट के कारोबार को सरल बनाया जा सके। एनडीसी अब तीन महीनों के लिये मानने योग्य होगा। विभाग द्वारा अब इसकी तिथि किसी विशेष सेवा संबंधी आवेदन की तिथि से गणना की जाएघी ताकि सेवा मुहैया करवाने की तिथि से। एक और फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने 31 मार्च, 2018 तक गमाडा आदि द्वारा लगाई गई तबादला फीस 2.5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की स्वीकृति दे दी है।
    पंजाब सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में मास्टर प्लान का कार्य यकीनी बनाने के लिये कहा है। अवैध कालौनियों को नियमित करने के मुद्दे पर बैठक के दौरान मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक कमेटी गठित करने का फैसला हुया जोकि इनको नियमित करने और वहां बसे लोगों को मालकी के अधिकार देने संबंधी आवश्यक कानून तैयार करेगी। इस कमेटी में आवास निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय विभाग तथा राजस्व विभाग के सदस्य होंगे। यह कमेटी एमसी की भूमि पर और म्यूनिसिपल कौंसिल की सीमा से बाहर की भूमि पर प्राइवेट परमोटरों द्वारा बनाई गई ऐसी कालौनियों के मुद्दे पर विचार करेगी। वित्त मंत्री ने पंजाब के सभी शहरों में मास्टर प्लान लागू करने की जरूरत पर बल दिया। अलॉटियों द्वारा जायदाद के रिकार्ड की ऑनलाइन प्राप्ति की सुविधा मुहैया करवाने के लिये आज से एक मोबाइल एप भी आरंभ की गई है। इस एप्लीकेशन पर बाद में अलॉट किए स्थलों के संबंध में भुगतान करने के लिये ई.भुगतान सेवा के अतिरिक्त प्रयोग चार्जिजए स्थानों की उपलब्धता का दृश्य आदि भी मौजूद होगा।
    मुख्यमंत्री ने चुनाव घोषणा पत्र में किये वायदों के अनुसार मुख्यमंत्री आवास योजना के अधीन निशुल्क घरों के लिये लाभपात्रियों की पहचान तथा पड़ताल करने की प्रक्रिया आरंभ करने के लिये भी निर्देश दिये। भविष्य में सभी अलॉटमैंटों में अनुसूचित जातियों को 30 प्रतिशत आरक्षण के चुनावों के दौरान किये गये वायदे को भी लागू करने तथा एम आई जी घरों को खरीदने, उनके नवीनीकरण के लिये परिवारों को सब्सिडी वाले कर्ज मुहैया करवाने का फैसला किया गया। बैठक में एल आई जी आवासों के लिये नई जरूरत आधारित नीति लाने के लिये भी सहमति व्यक्त की गई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विभाग को विभिन्न रियल एस्टेट अथारिटीयों के विलय को विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दि। मैरिज पैलेसों के मालिकों की समस्याओं का नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने विभाग को भागीदारों को मिलकर उनके विचार लेने के लिये कहा।
    बैठक में लिये और फैसलों में 5 बड़े शहरों में छोटे निवेशकारों के लिये सिंगल विंडो स्वीकृति की व्यवस्थाए प्लाटों एवं स्थानों के लिये जायज आरक्षित कीमतें तय करनेए मध्यम आकार के रियल एस्टेट हाउसिंग प्रौजेक्ट की स्वीकृति संबंधी नीति को पुनरू जाचनेए सभी मास्टर प्लान में औद्योगिक जोन में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गो के लिये रिहायशी प्रौजेक्टों को शामिल करने तथा ई डी सी की अदायगी करने पर वर्ष 2017 के लिये मोहलत देना शामिल है।
    बैठक में यह भी फैसला किया गया कि जो स्थान 31 मार्च, 2018 तक गिरवी रखे गये हैं उन स्थानों को उन्ही दरों पर छुड़ाने की सहमति दी गई।

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