पंजाब आएंगे कनाडा के रक्षा मंत्री, कैप्टन ने कहा- वो खालिस्तानी समर्थक, नहीं करूंगा स्वागत

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    JANGATHA TIMES : कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन को लेकर पंजाब में विवाद पैदा हो गया है. दरअसल सज्जन 20 अप्रैल को पंजाब दौरे पर आ रहे हैं. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने उन्हें खालिस्तानी समर्थक बता कर उनका स्वागत न करने की बात की हैं. सज्जन सिंह 20 अप्रैल को चंडीगढ़ पहुंचेंगे और 21 अप्रैल को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में जाकर माथा टेकेंगे. लेकिन इस दौरान ना तो पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और ना ही उनकी कैबिनेट का कोई भी मंत्री उन्हें रिसीव करने के लिए पहुंचेगा. बल्कि अमृतसर के SSC और DC ही सज्जन सिंह का स्वागत करेंगे.

    गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि सज्जन सिंह को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह का स्टैंड बिल्कुल सही है, और पूरी सरकार कैप्टन के इस फैसले में उनके साथ खड़ी हैं. पंजाब सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कनाडा के डिफेंस मिनिस्टर के विजिट को लेकर ”पंजाब सरकार का स्टैंड वही है जो कैप्टन साहब का है.”

    वहीं कैप्टन की इस बात का विरोध करते हुए एस.जी.पी.सी. ने ऐलान किया है की वो ”सज्जन सिंह के अमृतसर दौरे पर भरपूर स्वागत करेगी. इस मामले में जानकारी देते हुए एस.जी.पी.सी. के प्रधान कृपाल सिंह बडूंगर ने कहा कि एस.जी.पी.सी. का मानना है कि सिख कौम के लिए ये सम्मान की बात है कि वो कनाडा के रक्षा मंत्री है और उन्हें खालिस्तानी कहने के विचार कैप्टन के राजनीतिक विचार हैं. एस.जी.पी.सी. एक धार्मिक संस्था है इसलिए वो बतौर सिख उनका सम्मान करेगी.”

    जहां एक ओर कनाडा के पहले सिख रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन के पंजाब दौरे को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने उन पर खालिस्तानी समर्थक होने का बयान देकर विवादों का केंद्र बना दिया है. वहीं पंजाब के होशियारपुर से 20 किलोमीटर दूर उनके पैतृक गांव बंबेली के लोग बिना किसी विवाद में पड़े अपने गांव के सपूत के जोरदार स्वागत में जुटे हैं. रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन के 16 साल बाद 20 अप्रैल को पैतृक गांव लौटने पर लोगों में खुशी की लहर है. उनका स्वागत करने के लिए पिता कुंदन सिंह, मां विद्या कौर व बहन अमरजीत कौर भी उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

    बंबेली गांव में कनाडाई रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन के पिता कुंदन सिंह ने कहा कि” कैप्टन अमरेन्द्र सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री है मैं उनके बयान पर अपनी तरफ से कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. कुंदन सिंह ने कहा कि अगर मेरे बेटे में कोई ऐसी खामी होती तो कनाडा जैसा देश उसे अपना रक्षामंत्री ना बनाता.”

    वहीं इस पूरे विवाद में अब विपक्षी पार्टियां अकाली दल और आम आदमी पार्टी भी कूद पड़ी है. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कनाडा में बैठे पंजाबियों ने समर्थन नहीं दिया और इसी वजह से अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को कनाडा के रक्षा मंत्री भी खालिस्तान समर्थक नजर आ रहे हैं. वहीं अकाली दल ने कहा कि सज्जन सिंह कनाडा के पहले सिख रक्षा मंत्री बने हैं और ये सिखों के लिए गर्व की बात है. अगर पंजाब सरकार सज्जन सिंह का पंजाब पहुंचने पर उचित स्वागत नहीं करेगी तो अकाली दल की तरफ से सज्जन सिंह को पूरा सम्मान पंजाब आने पर दिया जाएगा.

    कैप्टन अमरिंदर सिंह के विदेश में बसे पंजाबियों से संबंध अच्छे नहीं रहे हैं और कनाडा और अमेरिका में कैप्टन अमरिंदर सिंह के दौरे के दौरान उनका विरोध भी वहां पर बसे पंजाबी कर चुके हैं. और अब कैप्टन ने जब सज्जन सिंह को खालिस्तानी करार दे दिया तो इसको लेकर कैप्टन के खिलाफ विपक्ष के साथ-साथ कई सिख संगठन भी लामबंद हो गए हैं. लेकिन इस पूरे विवाद के बीच कनाडा के पहले सिख रक्षा मंत्री सज्जन सिंह भारत आ चुके हैं और अब देखना ये होगा कि उनका पंजाब दौरा किस तरह आने वाले वक्त में सियासी भूचाल लेकर आता है.

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