निजी मेडिकल व डेंटल कालेजों को कैप्टन की चेतावनी-मेदांता के हवाले किया जा सकता है पिम्स

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    JANGATHA TIMES : चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर पैसा कमाने में लगे निजी क्षेत्र के मेडिकल और डेंटल कालेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश देते हुए इन कालेजों के प्रंबधों को काम करके दिखाने या फिर ऐसी दुकानें बंद करने की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने यह आदेश यहां मेडिकल शिक्षा, शोध एवं स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के साथ हुई बैठक में ज्ञान सागर व चिंतपूर्णी मेडिकल कालेजों को पेश आ रही समस्याओं पर हुए विचार-विमर्श के दौरान दिए।
    बैठक में पिम्स जालंधर की समस्याओं संबंधी भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने फीसे बढ़ाये बिना अधिकारियों को अन्य किसी परिवर्तन की पहचान करने के लिए कहा ताकि खर्चे से निपटा जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे वाले इंस्टीच्यूट को मेदांता जैसे किसी प्रसिद्ध मेडिकल ग्रुप के हवाले किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करते हुए सभी नियमों का पालन किया जाए ताकि इसकी समर्था का अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके।
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्राइवेट मेडिकल व डैंटल कालेजों को चेतावनी देते हुए कहा कि दाखिला प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन करने और बेहतर शिक्षा उपलब्ध ना करवाने वाले कालेजों को बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि विभाग द्वारा उन कालेजों विश्ेाषकर नर्सिंग संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही की गई है जिन कालेज व संस्थाओं विद्यार्थियों के दाखिलों में निर्धारित नियमों की उलंघना की या बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने लापरवाही की। सरकारी मेडिकल कालेजों में फंडों की कमी की शिकायतों संबंधी मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कहा कि आरक्षित सेंट्रल फंडों के प्रयोग इन कालेजों के बुनियादी ढांचे का स्तर उंचा उठाने सहित अन्य ऐसे कार्यों पर खर्च किये जाने को यकीनी बनाया जाए।
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के उपकुलपति को कहा कि राज्य के मेडिकल कालेजों के कार्य में बड़े सुधार लाने के लिए मेडिकल शिक्षा व अनुसंधान विभाग की सलाह से रूपरेखा तैयार की जाए ताकि राज्य के लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को मैडीकल क्षेत्र की प्रसिद्ध शख्सीयत डा. नरेश त्रेहन के साथ मिलकर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर ऊंचा उठाने के लिए संभावनाएं तलाशने के लिए कहा।
    अमरिंदर सिंह ने मेडिकल कालेजों से संबंधित अस्पतालों में कार्य कर रहे सुपर-स्पैशलिस्टों के वेतन को संशोधित करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी विभाग को कहा। टेक्निकल और मैडीकोज की सेवाएं लेने के संबध में पंजाबी की पहली शर्त का नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने मैडीकल क्षेत्र की सेवाएं प्राप्त करने के नियमों का जायजा लेने के लिए भी विभाग को कहा। 

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