धार्मिक संस्थाओं ने स्वामी कृष्णानंद की तलाश के लिए कार्रवाई तेज करने की मांग की

    0
    38

    1_1465364207 (Custom)

    स्वामी कृष्णानंद

          -गौसेवा आयोग के चेयरमैन स्वामी कृष्णानंद की खोज के लिए सरकार पर दवाब बनाए, अन्यथा त्यागपत्र दें
    होशियारपुर। स्वामी कृष्णानंद जी बीनेवाल वालों को गायब हुए आज 15 दिन होने को हैं, परन्तु अभी तक उनका कोई भी सुराग न लग पाने से उनके श्रद्धालुओं एवं उनके सानिध्य में गौसेवा में जुटे भक्तों में रोष की लहर है। इसलिए सरकार को उनकी तलाश के लिए कार्रवाई को तेज करना चाहिए। उक्त बात नई सोच संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अश्विनी गैंद ने विभिन्न संस्थाओं की बैठक में स्वामी जी के मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संत समाज की सुरक्षा में सेंध लगाई जा रही है, यह सारे प्रकरण एक षड्यंत्र की तरफ इशारा करते हैं। इसलिए पंजाब पुलिस को चाहिए कि ऐसे मसलों के प्रति गंभीर होकर कार्य करे ताकि पंजाब का माहौल खराब न हो सके। राष्ट्रीय शिव सेना के पंजाब अध्यक्ष कमल शर्मा कोठारी ने कहा कि जब-जब पंजाब का माहौल खराब हुआ है तब-तब सबसे पहले संतों को ही निशाना बनाया जाता रहा है, इसलिए यह बहुत ही गंभीर मसला है, जिस पर सरकार को जरा भी देर किए उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में 19 जून दिन रविवार को प्रदेश की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की बैठक रखी गई है ताकि ऐसे मामलों से पैदा होने वाले माहौल से निपटने संबंधी विस्तार से चर्चा की जा सके और संघर्ष की रणनीति तैयार की जा सके। उन्होंने गौसेवा आयोग के चेयरमैन कीमती भगत को कहा कि वे स्वामी कृष्णानंद जी की खोज के लिए सरकार पर दवाब बनाए। अगर वे ऐसा नहीं कर सकते तो नैतिकता के आधार पर अपना त्यागपत्र दें और संघर्ष में हमारे साथ आकर बैठें। इस मौके पर वीर हकीकत राय सेवा समिति के अध्यक्ष विजय सूद पप्पा ने शहर व प्रदेश की धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को रविवार की बैठक में पहुंचने की अपील की ताकि संतों की खोज संबंधी कोई रणनीति बनाई जा सके। इस मौके पर हनुमान जयंति उत्सव कमेटी के अध्यक्ष विशाल शर्मा, श्री राम हनुमंत प्रचार मंडल के भूपेश कुमार, अशोक शर्मा, सोनू जोशी, राजेश शर्मा, प्रदीप भल्ला, विजय राणा, अजय जैन सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
    फोटो:- स्वामी कृष्णानंद जी बीनेवाल वालों की खोज के लिए कार्रवाई को तेज करने की मांग करते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here