दूरसंचार क्षेत्र में दरें कम करने की होड़ से लाभः सिन्हा

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    न्यूयार्क। मुकेश अंबानी समूह की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो के भारत में आक्रामक 4जी योजनाएं पेश करने के बीच दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि जब जब देश में दर की लड़ाई छिड़ी है उपभोक्ता को उसका लाभ ही मिला है। उन्होंने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया कि इस क्षेत्र में सेवाओं की दर के मामले में जियो जैसी कंपनियों की योजनाओं से सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा। सिन्हा ने कहा, ‘‘आप यदि पिछले 18-20 साल के दूरसंचार क्षेत्र के इतिहास पर नजर डालें तो आप देखेंगे कि जब कभी भी शुल्क-युद्ध हुआ है उसका लाभ उपभोक्ता को मिला है।’’

    सिन्हा ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि उपभोक्ता राजा है और कोई भी सरकार जो लोगों के लिये काम करती है वह इससे सहमत होगी।’’ सिन्हा यहां उनसे रिलायंस जियो पर पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे। रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई निशुल्क वॉयस कॉल और काफी कम दाम पर डेटा सेवायें देने की पेशकश कर रही है। दूरसंचार मंत्री ने गुरुवार को यहां भारतीय वाणिज्य दूतावास में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत में दूरसंचार क्षेत्र काफी प्रतिस्पर्धी है। यदि रिलायंस जियो वायस कॉल सस्ती दर पर उपलब्ध कराता है तो दूसरी कंपनियों को भी बेहतर गुणवत्ता और दरों के मामले में प्रतिस्पर्धा करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह देश के लिये फायदेमंद होगा।’’

    सिन्हा, ने उन चिंताओं को खारिज कर दिया कि कम दर के दूरसंचार सेवाओं के ढांचे से सरकार के राजस्व पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आंकड़े गवाह हैं कि हो सकता है शुरू के तीन चार महीनों में राजस्व कम हो लेकिन आखिर में सरकार का राजस्व बढ़ेगा।

    सिन्हा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार आने के बाद पिछले दो वर्ष के दौरान भारत के दूरसंचार क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किये गये हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय अगले महीने होने वाली स्पेक्ट्रम की सबसे बड़ी नीलामी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल के दौरान दूरसंचार क्षेत्र में जो विश्वास की कमी का संकट बना हुआ था वह दूर हुआ है और इस खेत्र में विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। सिन्हा ने कहा कि अगले महीने होने वाले स्पेक्ट्रम नीलामी में सरकार सात बैंड में कुल मिलाकर 2350 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम को नीलामी के लिये रखेगी। उन्होंने कहा कि देश में सात दूरसंचार आपरेटर हैं। आईडिया, वोडाफोन, एयरटेल, एयरसेल, रिलायंस कॉम और रिलायंस जियो तथा अन्य सभी ने नीलामी में भागीदारी के लिये अपने फार्म जमा करा दिये हैं और इसके लिये उन्हें मंजूरी दे दी गई है। सिन्हा रेलवे मंत्रालय में भी राज्य मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे क्षेत्र में भी उल्लेखनीय निवेश कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

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