दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने संगीतमयी भजन संध्या दिव्य गुरू का आयोजन किया

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    होशियारपुर । विनोद
    दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से विंडसर मेनर रिजा़र्ट, टांडा रोड़ होशियापुर में संगीतमयी भजन संध्या दिव्य गुरू का आयोजन किया गया। जिसमें संस्थान की ओर से सर्व श्री आशुतोष जी महाराज के साधु शिष्य एवं साध्वी बहनें इस संगीतमय संध्या को स्वर देने के लिए पधारे। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए साध्वी सुश्री रूपेश्वरी भारती जी ने कहा कि मानव के जीवन से अज्ञान तमस को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश भरने वाले केवल श्रोन्निय ब्रहमनिष्ठ दिव्य गुरू ही हो सकते है। प्रत्येक मनुष्य का अंत:करण अंधकारमय है।अज्ञानता के तम से आच्छदित है। जब जब मानव के भीतर अज्ञानता व्याप्त होती है। तब तब मानवों का समाज मानवता से रिक्त हो जाता है।मानव में मानवीय गुणों का हास होने लगता है।समाज में अधर्म,अत्याचार, अनाचार,भ्रष्टाचार,व्यभिचार आदि कुरीतियाँ अपना सिर उठाने लगती है । यही कारण है कि हमारे ऋ षि मुनियों ने उस परम तत्व के समक्ष ये प्रार्थना की है-हे प्रभुु हमारे भीतर के अंधकार को कीजिए ताकि ज्ञान प्रकाश को पाकर हम अपने जीवन को सुन्दर बना सके। जब तक मानव अज्ञानता के गहन अधंकार से न्नस्त रहेगा तब तक उसका सर्वागीन विकास संभाव नहीं है। अंधेरा हम भ्रमित भी करता है। और भयभीत भी करता है। प्रकाश में सब कुछ स्पष्ट दिखाता है। न कोई भ्रम रहता है न ही भय । जिस प्रकार बाहर के प्रकाश से बाह्य अंधकार दूर होता है उसी प्र्रकार आंतरिक ज्ञान प्रकाश से आंतरिक अज्ञान तमस नष्ट होता है। ज्ञान की प्राप्ति किसी पूर्ण गुरू की शरण में जाकर ही होगी जो मानव के भीतर उस ईश्वरीय प्रकाश को प्रकट कर देते है।यही कारण है कि शास्न्नों में जब भी इस ज्ञान प्रकाश के लिए मानव जाति को प्रेरित किया तो इसकी प्राप्ति हेतु गुरू के सानिध्य में जाने का उपदेश दिया।ब्रह्यज्ञान यानि अपने भीतर ईश्वरीय प्रकाश की प्रत्यक्ष अनुभूति ।यह ज्ञान समस्या का उन्मूलन भीतर से करता है।हमारे शास्न्नों में भी बताया गया कि परमात्मा हमारे इस मानव शरीर के भीतर स्थित है और उसका वास्विक स्वरूप प्रकाश है।इस ज्योति को अपने घट में देखना ही ईश्वर के प्रेम का शुभारम्भ है और इसी प्रकाश के ध्यान से व्यक्ति के भीतर वैचारिक परिवर्तन प्रारम्भ होता है। इस संगीतमय संध्या में भजनों की शंृखला के अंतर्गत दिशा दिखाई दिव्य गुरू ने नभ में सूर्य उगा है ज्ञान का भज गोविंदम हरे हरे इत्यादि भजनों का गायन किया गया।
    इस अवसर पर विशेष रूप में कैबिनेट मंन्नी सोहन सिंह ठंडल ,श्री तीकक्षण सूद,प्रवीन कांडा (एस पी विजिलेंस ),डा. रवजोत,श्रीमति सिंपल अरोडा,संजीव तलवाड़,डा. एच बस्सी,मनीष गुप्ता, पंडित रामानुज शर्मा,एडवोकेट आर.पी धीर,डा.प्रितपाल पनेसर,मेयर शिव सूद,जगदीश लाल अग्रवाल ,चेतन जैन,लायन विजय अरोडा,अंकूर सूद,सोरभ भोपाल,रविन्द्र अग्रवाल,डा.तरूण (गड़दीवाला)अविनाश धूग्गा,इंजि.सुरिन्द्र सिंह, विशाल मनोचा,कमलजीत सेतिया,डा.रमन घई,परमजीत सचदेवा,भारत भूषण वर्मा,रोहित सूद,तिलक राज गुप्ता,अनिल सूद,अनुज सूद ,एडवोकेट नवीन जैरथ,गोपाल अग्रवाल,दलीप ओहरी,अभिषेक ऐरी,पार्षद ध्यान चंद,कुलबिन्द्र सिंह,पार्षद मीनू सेठी,पार्षद निपुण शर्मा,पार्षद रमेश ठाकुर,नीति तलवाड,डा.कमल चौधरी,पार्षद मोहन लाल ,पं विश्वामिन्नजी,गुलशन अरोड़ा,रणजीत राणा,हरीश भल्ला ,अभय मोहन शर्मा,श्रीमति सुषमा सेतिया,डा.पूजा सूद, श्रीमति सतीशजर्नाधनदेव,श्रीमति कूशा गुप्ता,श्रीमति डिंपल शर्मा,श्रीमति ममता भोपाल, व शहर से गणमान्य परिवार उपस्थित रहे।

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