दिल खोलकर करें मानव सेवा, किसी की जान पर न बने गरीबी: संजीव अरोड़ा

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    JANGATHA TIMES :होशियारपुर। शारीरिक कष्ट अमीरी या गरीबी देख कर नहीं आता और न ही उम्र देखकर आता है। इसलिए हर व्यक्ति को दुख औ्र सुख भगवान की कृपा समझ कर अपनाना चाहिए। परन्तु इसके साथ एक बात और है कि अगर किसी पर कोई कष्ट आता है और वे आर्थिक तौर पर कमजोर है तो सामर्थ समाज का फर्ज बनता है कि वे अपने नेक कमाई से उसकी मदद जरुर करें। उक्त बात भारत विकास परिषद के प्रधान प्रमुख समाज सेवी संजीव अरोड़ा ने परिषद की तरफ से एक साढे 3 साल के बच्चे की ईलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रकान करते हुए कही। संजीव अरोड़ा ने कहा कि उक्त बच्चे की फूड पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण उसका ईलाज पी.जी.आई. में चल रहा है, परन्तु पारिवारिक सदस्यों की आर्तिक स्थिति उसके ईलाज में आड़े आ रही है। इसलिए परिषद ने अपनी तरफ से सामर्था अनुसार बच्चे के इलाज हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस अवसर पर दविंदर अरोड़ा व शाम नागपाल ने कहा कि परिषद का हर सदस्य पांच सूत्रों पर चलते हुए मानव सेवा के कार्यों के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि बच्चे भगवान का रुप होते हैं और इस बच्चे को जीवन दान मिले व ये जल्द स्वस्थ्य होकर अपने परिवार के बीच हंसे-खेले इसके लिए सभी कामना करते हैं। इस मौके पर राजिंदर मोदगिल, दीपक मेहंदीरत्ता, एच.के. नकड़ा, दीपक वशिष्ट, कुलवंत सिंह पसरीचा, ओंकार सिंह, जगमीत सिंह सेठी, तिलक राज शर्मा, विनोद पसान, तरसेम मोदगिल, रविंदर भाटिया, अमरजीत शर्मा, दविंदर सरीन, मास्टर गुरप्रीत सिंह, राज कुमार मलिक, पंडित सतीश मिश्रा, संजीव खुराना, मनोज ओहरी, प्रवीन पब्बी व अन्य मौजूद थे।

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