घर वाले ढूंढ रहे थे दुल्हन, आतंकी हमले में बेटा हो गया शहीद

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    : जम्मू-कश्मीर के पंपोर के समीप श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर सेना के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में 3 जवान शहीद हो गए, जिनमें से एक झारखंड के धनबाद का लाल है। इस हमले के बाद से पूरा धनबाद गम में है, हालांकि उन्हें अपने 25 वर्षीय लाल शशिकांत पांडेय पर गर्व है। वीर सपूत का एक भाई और 2 बहनें हैं। शनिवार दिन में करीब 3 बजे बहन के मोबाइल पर सेना मुख्यालय से कॉल आने के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया।

    घर वाले ढूंढ रहे थे दुल्हन
    शशिकांत ने 2013 में फौज की नौकरी ज्वाइन की थी। पड़ोसियों ने बताया कि शशिकांत की शादी की बात चल रही थी। परिवार के लोग उनके लिए दुल्हन की तलाश कर रहे थे। 5 दिन पहले ही शशिकांत को अंबाला से कश्मीर तबादला किया गया था।

    शहीद के बड़े भाई को मिल चुका है राष्ट्रपति से सम्मान
    शशिकांत के बड़े भाई श्रीकांत पांडेय सीआरपीएफ में हैं। उनकी पोस्टिंग धनबाद के ही प्रधानखंता कैंप में है। 4 जुलाई 2015 को बिहार के जमुई में उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में उन्होंने 3 उग्रवादियों को मार गिराया था। बड़े भाई श्रीकांत पांडेय को वीरता दिखाने के लिए राष्ट्रपति डाॅ. प्रणव मुखर्जी से पुरस्कार मिल चुका है।

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