कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी सुरक्षा में की कटौती

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    JANGATHA TIMES : नई दिल्ली  : मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वीआईपी सुरक्षा में तैनात 2000 कर्मचारियों की बड़ी कटौती की है। इस संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक में लिए गए फैसले के तहत मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भी कटौती करते हुएए सुरक्षाकर्मियों की संख्या 1392 से घटाकर 1016 कर दी गई है। इसके अतिरिक्त संवैधानिक और सरकारी अधिकारियों की श्रेणियों में भी 1500 सुरक्षा कर्मचारी वापस बुलाए गए हैं। शुक्रवार की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अन्य एजेंसियों को मौजूदा सुरक्षा नीति संबंधी जायजा लेने के भी निर्देश दिए जोकि पंजाब मंत्रीमंडल द्वारा मंजूर की गई है और वर्ष 2013 में गृह मामले एवं न्याय विभाग द्वारा अधिसूचित की गई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसका जायजा संपूर्ण करने के बाद शीघ्र ही रिपोर्ट पेश करने के लिए एजेंसियों को कहा है। मुख्यमंत्री ने किसी भी व्यक्ति के लिए खतरे की संभावना संबंधी ताजा स्थिति के मद्देनजर जरूरत पर आधारित सुरक्षा मुहैया करवाने की जरूरत पर बल दिया। मौजूदा सुरक्षा नीति 3 वर्ष पुरानी होने के कारण मुख्यमंत्री ने पुलिस को हिदायत की कि खतरे की संभावना संबंधी राज्यीय एवं केंद्रीय एजेंसियों क ी ताजा रिपोर्ट को आधार बनाकर सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया जाये। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने सत्ता में आने के बाद सुरक्षा क ा जायजा लेने के लिये द्वितीय बैठक की है। बीते मार्च में डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) पंजाब के नेतृत्व वाली कमेटी की हुई बैठक के दौरान सुरक्षा का जायजा लिया गया जिसमें विभिन्न श्रेणीयों तहत सुरक्षा हासिल कर रहे व्यक्तियों से 749 पुलिस कर्मचारी एवं अद्र्धसैनिक बल वापिस बुला लिए गए थे। बैठक में गृह मामलों के मंत्रालय के दिशा निर्देशों पर भी विचार किया गया जिनमें नियमित तौर पर सुरक्षा का जायजा लेने के लिये कहा गया है और खतरे की संभावनाओं के आधार पर सुरक्षा तैनाती को बढ़ाने एवं घटाने के लिये कहा गया है। इन दिशा निर्देशों में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि खतरे की कमी की सूरत में सुरक्षा प्रबंध को लगातार बनाये रखने के रूझान से बचा जाये। इसके अनुसार ही सुरक्षा विंग ने नये सिरे से खतरे की संभावनाओं संबंधी रिपोर्ट (टीपीआरएस) इंटेलीजेंस विंग और फील्ड यूनिटों से मांगी है। यह रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा की पुन: समीक्षा की जायेगी।

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